लेबनानी अधिकारी वाशिंगटन गए थे युद्धविरामके लिए, लेकिन लौटे हिज़्बुल्लाह से लड़ाई लेकर: नबीह बेरी
लेबनान की संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी ने हालिया हालात पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लेबनानी अधिकारियों ने देश के हितों के बजाय बाहरी दबावों के आगे झुककर गलत रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ क्षेत्रीय स्तर पर ईरान के समर्थन से शांति और युद्धविराम की दिशा में प्रयास जारी थे, वहीं दूसरी ओर कुछ नेता वॉशिंगटन जाकर एकतरफा और गलत वार्ताओं में शामिल हो गए।
बेरी के अनुसार, इन वार्ताओं का उद्देश्य भले ही युद्धविराम हासिल करना बताया गया था, लेकिन असल में इसका परिणाम हिज़्बुल्लाह जैसे प्रतिरोध बलों के खिलाफ माहौल बनाने के रूप में सामने आया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिज़्बुल्लाह लेबनान की रक्षा और संप्रभुता की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और उसे निशाना बनाना देश की आंतरिक एकता को कमजोर करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि जो ताकतें लेबनान को कमजोर करना चाहती हैं, वे हिज़्बुल्लाह को निशाना बनाकर देश के रक्षा तंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। बेरी ने इसे एक खतरनाक रणनीति बताते हुए आगाह किया कि इससे न सिर्फ आंतरिक अस्थिरता बढ़ेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव और गहरा हो सकता है।
अंत में, उन्होंने अपील की कि लेबनान को बाहरी दबावों से दूर रहकर अपने राष्ट्रीय हितों और प्रतिरोध की ताकतों के साथ खड़ा होना चाहिए, ताकि देश की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

