अमेरिकी संतुष्टि के लिए लेबनान सरकार ने इज़रायल से बातचीत की: हिज़्बुल्लाह
लेबनान की संसद में “वफ़ादारी टू रेज़िस्टेंस” गुट के प्रमुख मोहम्मद रअद (Mohammad Raad) ने ज़ोर देकर कहा है कि लेबनान सरकार ने हिज़्बुल्लाह (Hezbollah) के बारे में इज़रायली शासन की कहानी को स्वीकार कर लिया है।
“अल-अख़बार” अख़बार में प्रकाशित अपने लेख में मोहम्मद रअद ने लिखा कि लेबनान सरकार ने देश की राजनीतिक स्थिति को इस तरह पेश किया है मानो लेबनान के लोग इज़रायल के साथ सह-अस्तित्व के पक्ष में हों, बशर्ते इज़रायल हथियारों को केवल सरकार के नियंत्रण में रखने यानी हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करने की योजना में सहायता करे।
उन्होंने कहा कि सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि लेबनान की एकमात्र समस्या यह है कि हिज़्बुल्लाह इज़रायल के सामने आत्मसमर्पण करने से इंकार कर रहा है। रअद के अनुसार, अमेरिकी समर्थन और संतुष्टि हासिल करने के लिए सरकार प्रत्यक्ष वार्ता को मजबूरी के रूप में अपना रही है, ताकि इस प्रक्रिया के ज़रिये लेबनानी प्रतिरोध की मौजूदगी को समाप्त किया जा सके।
मोहम्मद रअद ने यह भी कहा कि लेबनान सरकार के नज़रिए में युद्ध को रोकने का एकमात्र रास्ता हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करना है। वहीं हिज़्बुल्लाह का मानना है कि लेबनान की जनता को कब्ज़े और आक्रामकता का विरोध करने का पूरा अधिकार है, और इज़रायल को लेबनान से पीछे हटने पर मजबूर करने वाली असली ताक़त केवल प्रतिरोध आंदोलन की दृढ़ता थी।

