क्रेमलिन: ईरान के साथ बातचीत के अवसर अभी खत्म नहीं हुए हैं
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने आज गुरुवार को ईरान इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के बारे में चेतावनी देते हुए कहा कि “ईरान के साथ बातचीत के अवसर अभी खत्म नहीं हुए हैं।” क्रेमलिन ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ बातचीत के अवसर अभी भी मौजूद हैं और किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई गंभीर परिणाम ला सकती है।
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने गुरुवार को कहा कि ईरान संकट में शामिल सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और किसी भी तरह के बल प्रयोग से बचना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में अराजकता फैलाने और गंभीर परिणाम पैदा करने की क्षमता रखती है। पेसकोव ने यह भी कहा कि विवादों का समाधान केवल कूटनीतिक माध्यमों से किया जाना चाहिए और बातचीत के अवसर अभी समाप्त नहीं हुए हैं।
पेसकोव ने इस संदर्भ में कहा कि सभी पक्षों को स्थिति को और बिगाड़ने से बचने के लिए धैर्य और संयम रखना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध या बल प्रयोग केवल क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाएगा और गंभीर राजनीतिक व आर्थिक परिणाम ला सकता है। रूस की इस चेतावनी का मकसद ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय संवाद और कूटनीतिक वार्ता को बढ़ावा देना है।
साथ ही, पेसकोव ने रूस और सीरिया के बीच हालिया राजनीतिक गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दमिश्क में विद्रोहियों के नेता अबु मोहम्मद अल-जौलानी की मास्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई बैठक में रूस के सीरिया स्थित सैन्य अड्डों का मुद्दा शामिल था। इस बैठक का मकसद दोनों पक्षों के बीच सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को सुनिश्चित करना था।
संक्षेप में, रूस ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कदम के खिलाफ है और सभी विवादों को कूटनीतिक माध्यम से सुलझाने की वकालत कर रहा है। पेसकोव ने स्पष्ट किया कि बातचीत के मौके अभी खत्म नहीं हुए हैं और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संयम और कूटनीतिक प्रयास आवश्यक हैं।

