संभव है कि, ईरान के तेल पर लगे प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटा दिए जाएं: अमेरिका
अमेरिका के वित्त मंत्री ने संकेत दिया है कि सरकार आने वाले दिनों में ईरान के उस तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दे सकती है, जो बड़ी मात्रा में समुद्र में टैंकरों पर जमा है। बताया जा रहा है कि यह भंडार करीब 140 मिलियन बैरल के आसपास है, जिसे लंबे समय से प्रतिबंधों के कारण बाजार में नहीं लाया जा सका।
इससे पहले अमेरिका रूस के तेल पर भी कुछ हद तक प्रतिबंधों में नरमी दिखा चुका है, ताकि वैश्विक बाजार में आपूर्ति बनी रहे और कीमतें अनियंत्रित न हों। अब उसी रणनीति के तहत ईरानी तेल को भी सीमित समय के लिए बाजार में लाने पर विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका का मुख्य उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों को काबू में रखना है। खासतौर पर अगले 10 से 14 दिनों के भीतर कीमतों में संभावित उछाल को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।
अगर यह फैसला लागू होता है, तो वैश्विक तेल बाजार में अचानक आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ेगा और कई देशों को राहत मिल सकती है। हालांकि यह छूट स्थायी नहीं होगी, बल्कि केवल एक अस्थायी आर्थिक और रणनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है।
इस संभावित फैसले से यह भी संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और आर्थिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने के लिए अमेरिका समय-समय पर अपने प्रतिबंधों में लचीलापन अपनाता रहा है।

