इज़रायल की ‘रेड लाइन’ और युद्ध के परिणामों को नष्ट कर देंगे: हिज़्बुल्लाह
हिज़्बुल्लाह के नेता हसन फ़ज़लुल्लाह ने लेबनान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और इज़रायल के साथ संभावित प्रत्यक्ष वार्ता पर कड़ा रुख व्यक्त किया। उनका कहना था कि इज़रायल के साथ सीधे बातचीत करना एक रणनीतिक गलती हो सकती है, क्योंकि लेबनान के भीतर बड़ी आबादी इसका विरोध करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि, लेबनान में असली मतभेद सिर्फ हिज़्बुल्लाह और सरकार के बीच नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक राष्ट्रीय बहस है, जिसमें देश के कई नागरिक इज़रायल के साथ संबंधों के मुद्दे पर अलग-अलग राय रखते हैं।
युद्ध-विराम के बारे में हिज़्बुल्लाह ने संकेत दिया कि, वह शांति बनाए रखने के पक्ष में है, लेकिन यह तभी संभव है जब दोनों पक्ष समझौते का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि युद्ध-विराम का उल्लंघन होता है, तो कड़ी प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
इसी संदर्भ में दक्षिण लेबनान के अत-तैबा क्षेत्र में इज़रायली सैनिकों के एक स्थान को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई, जिसे हिज़्बुल्लाह ने युद्ध-विराम उल्लंघन के जवाब के रूप में प्रस्तुत किया।

