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इज़रायल का लक्ष्य ईरान की सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश को अस्थिर करना है: पूर्व इज़रायली अधिकारी

इज़रायल का लक्ष्य ईरान की सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश को अस्थिर करना है: पूर्व इज़रायली अधिकारी

इज़रायल के पूर्व शांति वार्ताकार डेनियल लेवी ने शनिवार को कार्यक्रम “गोइंग अंडरग्राउंड” में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि इज़रायल केवल ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) नहीं चाहता, बल्कि उसका वास्तविक उद्देश्य ईरानी सरकार और देश की संरचना को कमजोर कर उसे विघटन की ओर धकेलना है।

उन्होंने शुरुआत में तथाकथित “ग्रेटर इज़रायल” की योजना का उल्लेख करते हुए कहा:

“हम अक्सर ग्रेटर इज़रायल परियोजना की बात करते हैं, और आमतौर पर लोग इसे केवल क्षेत्रीय विस्तार और भूमि पर कब्ज़े से जोड़कर देखते हैं। लेकिन मेरी नज़र में ग्रेटर इज़रायल का विचार सिर्फ़ भूभाग के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात से जुड़ा है कि इज़रायल अपनी कठोर सैन्य शक्ति और क्षेत्रीय प्रभुत्व को कितनी दूर तक फैला सकता है।”

लेवी ने आगे कहा कि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए इज़रायल ऐसी क्षेत्रीय परिस्थितियाँ बनाना चाहता है, जहाँ उसके आसपास के देश या तो कमज़ोर हो जाएँ, अराजकता में घिर जाएँ, विघटन और विभाजन की ओर बढ़ें, ताकि वे इज़रायल की क्षेत्रीय वर्चस्व की परियोजना के सामने कोई प्रभावी बाधा न बन सकें।

ईरान या तो झुके, या फिर युद्ध के लिए तैयार रहे: स्मोट्रिच

इज़रायल के वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने कहा कि इज़रायल को “नई सीमाएँ” स्थापित करनी चाहिए, और ईरान के सामने दो ही रास्ते हैं—या वह समर्पण करे, या फिर युद्ध की स्थिति में लौटने के लिए तैयार रहे।

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