इज़रायली मीडिया ने यरुशलम में हुए भीषण विस्फोट को लेकर आधिकारिक दावे पर उठाए सवाल
फ़िलिस्तीन के कब्ज़े वाले इलाक़ों में स्थित बेत शेमेश में हुए भीषण और व्यापक विस्फोट के बाद इज़राइली सरकार के उस आधिकारिक दावे पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, जिसमें कहा गया था कि यह विस्फोट “पहले से तय एक परीक्षण” का हिस्सा था। इस घटना की वास्तविक प्रकृति और उससे जुी जानकारी छिपाने को लेकर कई तरह के प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
इज़रायली अख़बार “मआरिव” के लेखक बेन कस्पित ने कहा कि रात के समय इतने बड़े विस्फोट का होना और उससे पहले स्थानीय निवासियों को किसी प्रकार की चेतावनी न दिया जाना “हैरान करने वाली लापरवाही” या फिर किसी सच्चाई को छिपाने की कोशिश को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इज़राक्षल की सैन्य उद्योग कंपनियां आम तौर पर इस तरह के परीक्षणों से पहले, खासकर जब उनका प्रभाव बड़े क्षेत्र पर पड़ सकता हो, लोगों को पहले से चेतावनी जारी करती हैं।
बेन कस्पित ने आगे कहा कि जो कुछ हुआ, वह किसी सामान्य परीक्षण जैसा नहीं लगता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह पहले से तय परीक्षण था, तो फिर पुलिस और दमकल विभाग किसी भी प्रकार की तैयारी की स्थिति में क्यों दिखाई नहीं दिए, जबकि सोशल मीडिया पर आग के बड़े गोले और ज़ोरदार विस्फोट के वीडियो व्यापक रूप से फैल रहे थे।
इज़रायल के अन्य मीडिया संस्थानों ने भी इस संभावना का उल्लेख किया कि शायद “गोला-बारूद या सैन्य उपकरणों के स्थानांतरण के दौरान कोई गड़बड़ी हुई, जिससे उनमें आग लग गई।” रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि विस्फोट की तीव्रता को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारी किसी वास्तविक फैक्ट्री विस्फोट की संभावना को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

