इज़रायली चैनल का दावा: नेतन्याहू की यूएई यात्रा से इनकार की वजह ईरान का डर
ईरान के खिलाफ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच अब खाड़ी देशों में भी डर और बेचैनी साफ दिखाई देने लगी है। इज़रायली चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, यूएई द्वारा बेंजामिन नेतन्याहू की कथित गुप्त यात्रा से इनकार करना केवल एक कूटनीतिक बयान नहीं, बल्कि ईरान की ताकत और उसके संभावित जवाबी प्रतिकार के डर को दर्शाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि, अबू धाबी इस बात से चिंतित है कि यदि वह खुलकर इज़रायल के साथ खड़ा दिखाई देता है, तो उसे ईरान-विरोधी गठबंधन का हिस्सा माना जाएगा। ऐसी स्थिति में यूएई खुद को सीधे ईरानी हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता के खतरे में देख रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के संघर्षों में ईरान ने यह साबित किया है कि वह केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने विरोधियों और उनके सहयोगियों तक भी जवाबी कार्रवाई की क्षमता रखता है। यही कारण है कि कई अरब देश अब इज़रायल के साथ अपने संबंधों को खुलकर दिखाने से बच रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई यह समझता है कि पश्चिमी समर्थन के बावजूद खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं है। यदि क्षेत्रीय युद्ध और बढ़ता है, तो तेल प्रतिष्ठान, व्यापारिक बंदरगाह और आर्थिक ढांचा सबसे पहले निशाने पर आ सकते हैं। इसलिए अबू धाबी फिलहाल अपने इज़रायल संबंधों को सार्वजनिक रूप से कम महत्व देकर खुद को सुरक्षित दिखाने की कोशिश कर रहा है।
इज़रायली मीडिया का यह दावा भी सामने आया कि, अमीराती अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इज़रायल से जुड़े संवेदनशील मामलों की मीडिया कवरेज नियंत्रित रखी जाए, ताकि क्षेत्र में यूएई की छवि और सुरक्षा पर नकारात्मक असर न पड़े।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह घटनाक्रम दर्शाता है कि ईरान आज भी क्षेत्र की एक प्रभावशाली शक्ति बना हुआ है, जिसके संभावित प्रतिरोध को नज़रअंदाज़ करना खाड़ी देशों के लिए आसान नहीं है।

