यमन में हूती ठिकानों पर इज़राइली बमबारी से तनाव बढ़ा
इज़रायल ने यमन में बमबारी कर हूतियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया है। इज़रायल ने सना हवाई अड्डे पर भी हमला किया। हूती मीडिया के अनुसार, इस बमबारी में कम से कम 6 लोग मारे गए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस एडहानोम गेब्रियेसस ने कहा, “मैं एक विमान पर सवार होने वाला था कि तभी हवाई अड्डे पर बमबारी शुरू हो गई। इस दौरान हमारे विमान के क्रू में से एक सदस्य घायल हो गया, लेकिन मेरी टीम के अन्य सदस्य सुरक्षित रहे।” टेड्रोस वहां WHO के कर्मचारियों की रिहाई के लिए बातचीत करने गए थे और सना हवाई अड्डे से रवाना होने की तैयारी कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि बमबारी के दौरान कंट्रोल टॉवर उनके पास ही था। बमबारी में हवाई अड्डे का रनवे भी तबाह हो गया। खबर लिखे जाने तक इज़रायल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
हूतियों की जवाबी कार्रवाई
इस बीच हूतियों ने भी इज़रायल पर मिसाइल दागी। इज़रायली सेना ने शुक्रवार सुबह बताया कि उसके रक्षा तंत्र ने यमन से दागी गई एक मिसाइल को नष्ट कर दिया। हालांकि इज़रायल अपने मुल्क में होने वाले नुकसान को हमेश छुपाता है। वह कभी भी सत्य को सामने नहीं आने देता। इसी लिए वहां आपातकाल लागू करके मीडिया को अपने कंट्रोल में कर रखा है।
मिसाइल गिरने की आशंका के कारण मध्य इज़रायल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। इज़रायली अखबार टाइम्स ऑफ इज़रायल के अनुसार, मिसाइल हमले की चेतावनी के बाद कई लोगों ने सुरक्षित जगहों पर भागने की कोशिश की, जिससे भगदड़ मच गई और 18 लोग घायल हो गए। तेल अवीव में स्थिति उस समय और गंभीर हो गई। मिसाइल हमले के खतरे के कारण वहां के बेन गुरियन एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया और लगभग 30 मिनट तक उड़ानों का संचालन रोक दिया गया।
इज़रायल के हमले
इज़रायली सेना ने बयान जारी कर बताया कि उसने हवाई अड्डे के साथ-साथ हुदैदा बंदरगाह पर भी हूतियों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सालिफ और रास अल-कनातिब के इलाकों को भी बमबारी से निशाना बनाया गया। इज़रायल ने यमन में बिजली संयंत्रों पर भी बमबारी की।
हालांकि, दिसंबर में बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद इज़रायल ने सीरिया में सबसे अधिक बमबारी की है, लेकिन इस दौरान उसने लेबनान और यमन में भी हिज़्बुल्लाह और हूतियों को निशाना बनाया है। हूती मीडिया के अनुसार, सना हवाई अड्डे पर बमबारी में 3 लोग मारे गए, जबकि हुदैदा बंदरगाह पर 3 अन्य लोगों की मौत हुई। कुल 40 लोग घायल हो गए।
फिलिस्तीन के समर्थन में हूती कार्रवाई
फिलिस्तीन में इज़रायल की लंबी लड़ाई के जवाब में हूतियों ने कहा है कि वे फिलिस्तीन के समर्थन में इज़रायल और उसके सहयोगियों पर हमला कर रहे हैं। इसी वजह से अमेरिका और ब्रिटेन यमन में हूतियों पर हमले करते रहे हैं और अब इज़रायल भी इसमें शामिल हो गया है।
हूती अब इज़रायल के अंदर मिसाइल और ड्रोन हमले करने में सक्षम हो गए हैं। इस हफ्ते उन्होंने तेल अवीव पर मिसाइल हमला किया, जिससे 16 इज़रायली घायल हो गए। इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि यमन पर इज़रयल की बमबारी अभी शुरुआत है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने यमन पर इज़रायल के हमलों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा है। हालांकि पिछले एक साल से संयुक्त राष्ट्र इज़रायली अत्याचार के ख़िलाफ़ केवल चिंता व्यक्त कर रहा है। इज़रायल और नेतान्याहू प्रशासन के विरुद्ध कोई ठोस कार्यवाई अब तक नहीं की गई ही। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद हूतियों के हालिया मिसाइल हमलों पर चर्चा के लिए सोमवार को बैठक करेगी।
हूती परिवहन मंत्री ने कहा कि सना एयरपोर्ट और हुदैदा बंदरगाह सामान्य रूप से काम करेंगे। इज़रायल का रक्षा तंत्र यमन से फायर की गई मिसाइलों को रोकने में असफल रहा है।