इज़रायली ठिकाने और सैनिक जमावड़े हिज़्बुल्लाह के निशाने पर
लेबनान के प्रतिरोधी संगठन हिज़्बुल्लाह ने अपने ताज़ा बयान में कहा कि यह कार्रवाई लेबनान की संप्रभुता और उसकी जनता की सुरक्षा के लिए की गई है। संगठन के अनुसार, गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे, कब्ज़े वाले शहर अक्का के पूर्व में स्थित “टिफ़ेन” सैन्य ठिकाने को सटीक मिसाइल हमलों से निशाना बनाया गया। इन हमलों का उद्देश्य दुश्मन की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और उसकी गतिविधियों को बाधित करना बताया गया।
बयान में आगे कहा गया कि इसी क्रम में सुबह करीब 11:30 बजे “अल-लब्बूना” क्षेत्र में मौजूद इज़रायली सेना के सैनिकों के जमावड़े पर भी मिसाइलें दागी गईं। इस हमले को दुश्मन के जमीनी मूवमेंट और तैनाती को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा बताया गया है, जिससे सीमा क्षेत्र में उसकी सक्रियता कम की जा सके।
इसके अलावा, प्रतिरोधी बलों ने एक अन्य कार्रवाई में सीमा से लगे अलमा अल-शाब के सामने “नमर अल-जमल” इलाके में हाल ही में स्थापित ज़ायोनी सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाया। संगठन का दावा है कि यह नया ठिकाना लेबनान के खिलाफ संभावित आक्रामक गतिविधियों के लिए बनाया गया था, जिसे समय रहते टारगेट किया गया।
हिज़्बुल्लाह ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक लेबनान की सुरक्षा को खतरा बना रहेगा। संगठन ने इसे “रक्षात्मक जवाब” बताते हुए कहा कि उनकी कार्रवाई दुश्मन की हर आक्रामकता का जवाब देने के लिए है और वे अपने देश की रक्षा के लिए हर स्तर पर तैयार हैं।

