ग़ाज़ा के किए राहत सामग्री ले जाने वाले जहाज़ पर इज़रायल का हमला
मंगलवार सुबह तड़के खबर आई कि, इज़रायली सेना ने ग़ाज़ा की नाकाबंदी तोड़ने वाले समुद्री कारवां के एक जहाज़ पर हवाई हमला किया। फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अंतरराष्ट्रीय डेस्क के अनुसार, इज़रायली ड्रोन ने इस कारवां के सबसे बड़े जहाज़ को निशाना बनाया। अल-जज़ीरा के संवाददाता ने रिपोर्ट दी कि “ग़ाज़ा के लिए सहायता लेकर जा रहे ‘समूद’ बेड़े का मुख्य जहाज़ ट्यूनीशिया के तट के पास इज़रायली ड्रोन के हमले का शिकार हुआ।”
ग़ाज़ा की नाकाबंदी तोड़ने के लिए निकले “ग्लोबल समूद फ़्लोटीला” (Global Sumud Flotilla) ने दावा किया है कि, उसके मुख्य जहाज़ “फ़ैमिली” (Family Boat) पर ट्यूनिश के पास सीदी बू सईद बंदरगाह में रात के समय ड्रोन से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज़ में आग लग गई। बेड़े के मुताबिक़ बोर्ड पर मौजूद छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और आग पर काबू पा लिया गया। इसकी जांच अभी जारी है।
फ़्लोटीला के आयोजकों ने कहा कि घटना के तुरंत बाद जहाज़ से जुड़ा वीडियो जारी किया गया, जिसमें ऊपर से गिरता हुआ एक ज्वलनशील उपकरण दिखता है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट में बताया गया कि इस वीडियो की पुष्टि की गई है और शेष जहाज़ों की सुरक्षा का आकलन किया जा रहा है।
दूसरी ओर ट्यूनीशिया के गृह मंत्रालय ने ड्रोन हमले की बात से इंकार किया है। मंत्रालय के अनुसार प्राथमिक जांच में आग जहाज़ के भीतर से भड़कने के संकेत मिले हैं और ड्रोन की उपस्थिति के साक्ष्य नहीं मिले। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में आग के स्रोत के रूप में लाइफ़ जैकेट/सिगरेट की संभावना का भी ज़िक्र है।
संयुक्त राष्ट्र में फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों के लिए विशेष प्रतिवेदक फ्रांसेस्का अल्बानेज़ ने घटना-स्थल से कहा कि अगर ड्रोन हमला पुष्ट होता है, तो यह ट्यूनीशिया संप्रभुता पर आघात माना जाएगा; उन्होंने जांच और शेष जहाज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की
यह फ़्लोटीला बार्सिलोना से 31 अगस्त को रवाना हुई थी और इसका उद्देश्य खाद्य-दवाइयों जैसी मानवीय सहायता लेकर ग़ाज़ा पहुँचना तथा समुद्री नाकाबंदी को चुनौती देना है। कई अंतरराष्ट्रीय कार्यकर्ता इस मिशन से जुड़े हैं। आयोजकों ने कहा है कि वे सुरक्षा जाँच पूरी होते ही अभियान जारी रखेंगे।

