IRGC की ने होर्मुज़ के ऊपर अमेरिका के 14वें MQ-1 ड्रोन को मार गिराया
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी सेना के एक उन्नत MQ-1 ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है। IRGC ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि इस ड्रोन को उसकी एयरोस्पेस फोर्स की नई वायु रक्षा प्रणाली के ज़रिए मार गिराया गया। यह प्रणाली ईरान के एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क के नियंत्रण में काम करती है।
बयान में कहा गया कि ड्रोन को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में, तटीय शहर सिरिक के सामने मार गिराया गया। हाल के हफ्तों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर इस तरह के ड्रोन को रोके जाने की घटनाओं की श्रृंखला में यह ताज़ा घटना है। इस महीने की शुरुआत में भी IRGC ने दावा किया था कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिका के MQ-9 रीपर लंबी अवधि तक उड़ान भरने वाले ड्रोन को रोककर मार गिराया था।
पिछले महीने ईरानी सेना ने भी दावा किया था कि, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिका के एक MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था। ईरानी सेना के अनुसार, उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने दक्षिण-पूर्वी ईरान के ऊपर इस ड्रोन का पता लगाया, उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी और फिर उसे निशाना बनाकर नष्ट कर दिया।
2026 में फारस की खाड़ी के ऊपर MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन की दोबारा मौजूदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि अमेरिकी सेना के मानवरहित विमानों के बेड़े पर दबाव बढ़ रहा है। ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों और यमनी बलों की कार्रवाइयों से अमेरिका की निगरानी और हमला करने की क्षमताओं को भारी नुक़सान पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
अमेरिकी वायु सेना ने 2018 में MQ-1 ड्रोन को अपनी सेवा से हटा दिया था और उसकी जगह अधिक उन्नत MQ-9 रीपर को शामिल किया था। हालांकि, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 31 मई को ईरानी वायु रक्षा प्रणाली ने एक अमेरिकी MQ-1 को नष्ट कर दिया, तो यह सवाल उठने लगे कि क्या यह दोबारा सेवा में लाया गया पुराना प्रीडेटर ड्रोन था या फिर अमेरिकी सेना का MQ-1C ग्रे ईगल ड्रोन?

