इराक़ के नए प्रधानमंत्री ने ईरान के समर्थन में बयान देते हुए दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती का संकेत दिया
इराक में नई सरकार गठन के लिए नामित प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी और ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पेज़ेशकियान के बीच हुई टेलीफोन वार्ता ने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में ईरान-इराक संबंध और अधिक मजबूत हो सकते हैं। दोनों नेताओं ने न केवल आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, बल्कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति के रास्ते को सबसे बेहतर विकल्प बताया।
राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने अल-ज़ैदी को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि अमेरिका को पश्चिम एशिया में सैन्य धमकियों और दबाव की नीति समाप्त करनी चाहिए, क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की शांति प्रभावित होती है। दूसरी ओर, अल-ज़ैदी ने स्पष्ट किया कि इराक, इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ किसी भी टकराव का समर्थन नहीं करेगा, बल्कि वह संकटों के समाधान के लिए बातचीत और मध्यस्थता की भूमिका निभाने को तैयार है।
इराक के नए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका, ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को कमजोर या समाप्त नहीं कर सकता, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि बगदाद, तेहरान के साथ संतुलित और सहयोगपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है। उन्होंने यह पेशकश भी की कि यदि जरूरत पड़ी तो इराक, ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बनकर तनाव कम कराने की कोशिश करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ईरान और इराक के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक सहयोग के नए दौर की शुरुआत साबित हो सकता है, जिससे क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन पर भी गहरा असर पड़ सकता है।

