Site icon ISCPress

इराक के मुफ़्ती का बयान: सभी मुसलमानों पर इस्लाम की रक्षा करना वाजिब है

इराक के मुफ़्ती का बयान: सभी मुसलमानों पर इस्लाम की रक्षा करना वाजिब है

इराकी धार्मिक नेता Mahdi al‑Sumidaei ने कहा:

आज जो युद्ध ईरान और यहूदियों व ज़ायोनी ताकतों के बीच हो रहा है, उसे इस्लाम के लिए एक वैचारिक और अस्तित्व से जुड़ी लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि ये घटनाएँ उस “महान युद्ध” (मल्हमा-ए-कुबरा) के संकेतों में से हों, जिसकी सूचना पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने दी थी।

ईरान के गोलिस्तान प्रांत के सुन्नी उलेमा और जुमे के इमामों की इफ्ता परिषद ने अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ जिहाद का फ़तवा जारी किया है।

आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी का ईरान के सुप्रीम लीडर के चयन में तेजी लाने पर जोर

आयतुल्लाह मकारिम शीराज़ी ने एक संदेश में विशेषज्ञों की परिषद (मजलिस-ए-ख़ुबरेगान) के सदस्यों को संबोधित करते हुए देश के नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य को समय पर पूरा करना राष्ट्रीय शक्ति और स्थिरता को बढ़ाएगा तथा देश के मामलों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद करेगा।

आयतुल्लाह नूरी हमदानी की विशेषज्ञों की परिषद को महत्वपूर्ण सलाह

उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार देश के सर्वोच्च नेता के चयन की जिम्मेदारी इसी परिषद पर है। इसलिए उनसे अपेक्षा की जाती है कि पूरी सावधानी और आवश्यक योग्यताओं को ध्यान में रखते हुए नए नेता के चयन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करें, ताकि:

दुश्मनों में निराशा पैदा हो,

देश की एकता और आपसी भाईचारा बना रहे,

और हमारे शक्तिशाली सशस्त्र बलों को समर्थन मिले, जो इस समय देश की रक्षा में आक्रमणकारियों के खिलाफ खड़े हैं।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि पूरा राष्ट्र इस निर्णय का पालन करेगा।

Exit mobile version