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इराक़ ने अपने देश में किसी भी इज़रायली अड्डे के अस्तित्व से किया इनकार किया 

इराक़ ने अपने देश में किसी भी इज़रायली अड्डे के अस्तित्व से किया इनकार किया 

इराक़ में कथित अमेरिकी-इज़रायली सैन्य अड्डे को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर इराक़ की संयुक्त अभियान कमान ने देश में किसी भी गैरकानूनी विदेशी सैन्य अड्डे के अस्तित्व से साफ इनकार किया है, वहीं दूसरी ओर कुछ इराकी सांसदों का दावा है कि पश्चिमी इराक़ के रेगिस्तानी क्षेत्र में अमेरिका और इज़रायल का एक संयुक्त सैन्य अड्डा अब भी सक्रिय है।

सोमवार रात जारी बयान में इराक़ की संयुक्त अभियान कमान ने कहा कि वर्तमान समय में इराक़ की धरती पर किसी भी अनधिकृत विदेशी सैन्य बल या गुप्त सैन्य अड्डे की मौजूदगी नहीं है। बयान में यह भी कहा गया कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह इराक़ी सरकार और उसकी सैन्य संस्थाओं के नियंत्रण में है तथा राष्ट्रीय संप्रभुता से जुड़े मामलों पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

लेकिन इसके कुछ ही समय बाद बदर संसदीय गुट के सदस्य शाकिर अबू तुराब अल-तमिमी ने इस सरकारी दावे पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी इराक में स्थित कथित अमेरिकी-इज़रायली अड्डा अब भी मौजूद है और इस संबंध में दो महीने पहले भी सूचनाएँ सामने आई थीं। उनके अनुसार, जब इस अड्डे के बारे में जानकारी मिली तो इराकी सुरक्षा बलों को वहाँ तक पहुँचने या जांच करने की अनुमति नहीं दी गई।

अल-तमिमी ने शफक न्यूज़ से बातचीत में कहा कि इस मामले की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय, संयुक्त अभियान कमान और सीमा सुरक्षा बलों पर आती है, क्योंकि यह क्षेत्र सीमा सुरक्षा बलों के अधिकार क्षेत्र में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में इराक़ी सरकार को इस विषय की पूरी जानकारी नहीं थी, लेकिन बाद में सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्टों के जरिए सरकार को पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके में अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त सैन्य अड्डे के बारे में पता चला।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर पूरी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिससे इराक़ी राजनीतिक दलों और जनता के बीच चिंता बढ़ रही है। इराक़ में लंबे समय से विदेशी सैन्य उपस्थिति एक संवेदनशील विषय रही है, विशेष रूप से अमेरिका की सैन्य मौजूदगी को लेकर कई राजनीतिक और प्रतिरोधी गुट लगातार विरोध करते रहे हैं।

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