ईरान के ख़ातम-अल-अंबिया मुख्यालय ने इज़रायल-अमेरिका के खिलाफ लड़ाई में यमन और हिज़्बुल्लाह की सराहना की
ईरान के केंद्रीय ख़ातम-अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने एक बयान जारी करते हुए यमन और लेबनान के प्रतिरोधी संगठनों की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि ईरान देश, अपनी सशस्त्र सेनाओं और यमन के नेता सैयद अब्दुल मलिक हूती के दृढ़ नेतृत्व का सम्मान करता है। साथ ही यमन की बहादुर सेना, उसके कमांडरों, मुजाहिदीन और आम जनता के साहस और बलिदान को सराहा गया है, जिन्होंने अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ मजबूती से डटकर मुकाबला किया।
प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि यमन की जनता ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद जिस तरह से “जंग-ए-हक” (सत्य की लड़ाई) में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने इसे अत्याचार और आक्रामकता के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध बताया।
इसके अलावा, बयान में लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन की भी विशेष रूप से तारीफ की गई। प्रवक्ता ने कहा कि हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों ने इज़रायली ठिकानों पर जो हमले किए हैं, वे “गौरवपूर्ण और प्रभावशाली” हैं, और उन्होंने ज़ायोनी ताकतों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने लेबनान के लोगों की बहादुरी और उनकी “गैरत” (आत्मसम्मान और साहस) को भी सराहा और कहा कि यह प्रतिरोध क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने और आक्रामक शक्तियों को चुनौती देने में अहम भूमिका निभा रहा है। इस बयान को क्षेत्र में चल रहे तनाव और संघर्ष के बीच ईरान की ओर से अपने सहयोगी समूहों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।

