ईरानी सैनिकों ने देश की रक्षा में ऐतिहासिक साहस का परिचय दिया: आयतुल्लाह नूरी हमदानी
ईरान के वरिष्ठ धर्मगुरु आयतुल्लाह हुसैन नूरी हमदानी ने हालिया घटनाओं पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि जिन परिस्थितियों में देश पर ज़ायोनी ताक़तों और अमेरिका द्वारा हमला किया गया, वह अत्यंत पीड़ादायक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इन हमलों में मासूम बच्चों, महिलाओं और निर्दोष नागरिकों की शहादत तथा सशस्त्र बलों के कुछ प्रमुख कमांडरों के बलिदान ने पूरे राष्ट्र को शोक में डुबो दिया है।
आयतुल्लाह नूरी हमदानी ने कहा कि यह समय धैर्य, एकता और दृढ़ता का है। उन्होंने ईरान की सशस्त्र सेनाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश की रक्षा में अद्वितीय साहस और वीरता का परिचय दिया है। उनके अनुसार, सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने न केवल दुश्मन के मंसूबों को विफल किया, बल्कि इस्लामी गणराज्य की शक्ति और संकल्प को भी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया।
उन्होंने स्वयं को क़ुम के हौज़ा-ए-इल्मिया का एक साधारण विद्यार्थी बताते हुए सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे उनकी कुर्बानियों के लिए दुआगो हैं। साथ ही उन्होंने देश की जनता से अपील की कि वे पहले की तरह हर क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति बनाए रखें, दुश्मनों की साज़िशों को नाकाम करें और ईश्वर से प्रार्थना व आध्यात्मिक सहारे को न छोड़ें।
अपने बयान के अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि एकता और विश्वास के बल पर देश आगे भी चुनौतियों का सामना करेगा और नेतृत्व की बताई राह पर मजबूती से आगे बढ़ेगा।

