ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने सुप्रीम लीडर मुज्तबा ख़ामनेई से मुलाक़ात का हाल बयान किया
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अचानक उद्योग, खनन और व्यापार मंत्रालय पहुंचकर देश के व्यापारिक संगठनों और बाज़ार प्रतिनिधियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह सैय्यद मुज्तबा ख़ामनेई से हुई अपनी मुलाक़ात का ज़िक्र करते हुए उस मुलाक़ात के माहौल और उसकी विशेषताओं को बयान किया।
मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा:
“इस बैठक में जो बात मेरे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली रही, वह सर्वोच्च नेता का व्यवहार, उनका नज़रिया और उनका अत्यंत विनम्र तथा दिल से अपनापन भरा रवैया था। उनका यह अंदाज़ बातचीत के माहौल को भरोसे, सुकून, आपसी हमदर्दी और बिना किसी औपचारिक दूरी के खुले संवाद के वातावरण में बदल देता है।”
उन्होंने कहा:
“जब देश का सर्वोच्च पद संभालने वाला व्यक्ति इतने उच्च नैतिक चरित्र, विनम्रता और जनसामान्य के प्रति आत्मीय भावना के साथ लोगों और अधिकारियों से मिलता है, तो स्वाभाविक रूप से यह पूरे प्रशासनिक और प्रबंधकीय तंत्र के लिए एक आदर्श बन सकता है—ऐसा आदर्श जो ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाए, लोगों के क़रीब रहने की प्रेरणा दे और उनकी समस्याओं को वास्तव में सुनने और समझने की संस्कृति को मज़बूत करे; ठीक वैसे ही जैसे शहीद और महान क्रांतिकारी नेता अपने आचरण और जीवन-पद्धति में इसके प्रति प्रतिबद्ध रहे।”
राष्ट्रपति ने आगे कहा:
“कार्यकारी ज़िम्मेदारी और ऊँचा पद कोई विशेषाधिकार या श्रेष्ठता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह जवाबदेही, प्रतिबद्धता और जनता की सेवा का कहीं अधिक भारी दायित्व है। किसी भी अधिकारी को अपने पद को जनता से दूरी बनाने या स्वयं को समाज से अलग और विशिष्ट दिखाने का साधन नहीं बनाना चाहिए।”
उन्होंने कहा:
“सर्वोच्च नेता भी इस मुलाक़ात में ठीक इसी भावना के साथ मौजूद थे—एक ऐसी भावना जो सादगी, विनम्रता, आत्मीयता और पारस्परिक सम्मान पर आधारित थी। इसी कारण बातचीत का पूरा माहौल बिल्कुल खुला, स्पष्ट और निकटता व विश्वास की भावना से भरा हुआ था।”

