ईरानी दूतावास का बयान: यदि युद्ध फिर शुरू हुआ तो किसी भी युद्ध-विराम को स्वीकार नहीं करेंगे
ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में स्थित ईरान के दूतावास ने आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से ईरान पर हमले संबंधी दावों और धमकियों के जवाब में कहा कि आखिर अमेरिका के राष्ट्रपति यह क्यों मानते हैं कि ईरान पर तथाकथित “सीमित” हमला तेहरान को अधिक बातचीत के लिए मजबूर कर देगा?
दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका अब भी ईरान की वास्तविक ताकत, उसके जनसमर्थन और प्रतिरोध की क्षमता को सही ढंग से समझ नहीं पाया है। बयान में कहा गया कि वॉशिंगटन ने पहले भी यह अनुमान लगाया था कि युद्ध कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगा, लेकिन संघर्ष 40 दिनों तक जारी रहा और ईरान ने पीछे हटने के बजाय और अधिक मजबूती से जवाब दिया।
दूतावास ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर जारी संदेश में कहा कि इसी गलत धारणा, जो ईरान की वास्तविकता को गहराई से न समझ पाने का परिणाम है, के आधार पर यह अनुमान लगाया गया था कि युद्ध एक सप्ताह से भी कम समय में समाप्त हो जाएगा, जबकि यह संघर्ष 40 दिनों तक जारी रहा।
ऑस्ट्रिया में ईरान के दूतावास ने अपने संदेश में आगे चेतावनी देते हुए कहा: “गलती न करें। यदि ईरान पर दोबारा हमला किया गया, तो इस बार जब तक उसके सभी उद्देश्य पूरी तरह हासिल नहीं हो जाते, वह किसी भी युद्ध-विराम या बातचीत को स्वीकार नहीं करेगा।”
ईरानी दूतावास ने यह भी कहा कि तथाकथित “सीमित सैन्य हमला” ईरान को झुकाने का साधन नहीं बन सकता। तेहरान का मानना है कि अमेरिका और इज़रायल की आक्रामक नीतियों ने पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता पैदा की है, जबकि ईरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए डटा हुआ है
ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह दबाव की राजनीति के आगे झुकने वाला नहीं है और यदि उस पर युद्ध थोपा गया, तो वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर जवाब देगा।

