ईरान की क्षेत्रीय देशों को चेतावनी: ग़लती की तो दर्दनाक हमलों का निशाना बनेंगे
केंद्रीय कमान ख़ातम-उल-अंबिया (स.) ने क्षेत्रीय देशों और अमेरिका को ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी है और कहा है कि, अगर कोई ग़लती की गई तो उसे दर्दनाक हमलों का सामना करना पड़ेगा।
केंद्रीय कमान हज़रत ख़ातम-उल-अंबिया (स.) ने अमेरिका और क्षेत्रीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा:
“ग़लती की तो दर्दनाक हमलों का निशाना बनेंगे।”
केंद्रीय कमान ख़ातम-उल-अंबिया (स.) के बयान का पूरा बयान इस प्रकार है:
“प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपराधी अमेरिका उस युद्ध में अपनी विफलताओं को छिपाने और झूठी उपलब्धियां हासिल करने के प्रयास में है, जो इस्राईली पक्ष द्वारा फैलाए गए झूठ और घटनाओं की मनगढ़ंत प्रस्तुति के आधार पर शुरू किया गया और धोखे तथा चालबाज़ी के ज़रिए जारी रखा गया।
अमेरिका ने एक बार फिर क्षेत्र के कुछ देशों की हरी झंडी के साथ, यूरोप के किसी एक देश में आयोजित एक संयुक्त बैठक में ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है।
हम चेतावनी देते हैं कि यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई ग़लती करता है, तो क्षेत्र में उसके सभी सैन्य ठिकानों और हितों को बिना किसी सीमा या रियायत के लगातार, प्रभावी और दर्दनाक हमलों का निशाना बनाया जाएगा।
हम चेतावनी देते हैं कि यदि क्षेत्रीय देश इस्लामी गणराज्य ईरान के प्रति अपनी दोहरी नीति जारी रखते हुए, ईरान के खिलाफ ‘महान शैतान’ (अमेरिका) की आक्रामकता के साथ खड़े होते हैं, तो उन सभी को इस शरारत/आक्रामक कार्रवाई में सहभागी माना जाएगा। ऐसी स्थिति में वे ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बलों से संयम या शालीनता की अपेक्षा नहीं कर सकेंगे।”

