ईरान युद्ध-विराम के उल्लंघन पर जवाबी कार्यवाई की तैयारी में
इज़रायल द्वारा अस्थायी युद्ध-विराम के लगातार उल्लंघन के बाद ईरान अब संभावित जवाबी कार्रवाई की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई “प्रतिरोधात्मक” यानी डिटरेंस स्थापित करने के उद्देश्य से हो सकती है, ताकि आगे ऐसे हमलों को रोका जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में इज़रायली सेना ने लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए हैं, जिन्हें वहाँ की “इस्लामी प्रतिरोध” ताकतों से जोड़ा जाता है। इन हमलों को युद्ध-विराम की शर्तों का उल्लंघन माना जा रहा है। खास तौर पर बेरूत पर हुआ ताज़ा हमला इस तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
तेहरान में नीति-निर्माण स्तर पर इस बात पर गंभीर चर्चा चल रही है कि इज़राइल के इन कदमों के पीछे क्या कारण हैं। एक धारणा यह बन रही है कि या तो अमेरिका, इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर नियंत्रण रखने में असमर्थ है, या फिर अमेरिकी सैन्य कमान (सेंटकॉम) ने इज़राइल को खुली छूट दे दी है। यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि मध्य-पूर्व में अमेरिका की भूमिका संतुलन बनाए रखने की मानी जाती रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो इसका असर सिर्फ इज़रायल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में संघर्ष के दायरे के बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है। खासकर लेबनान, सीरिया और खाड़ी क्षेत्र में तनाव और गहरा सकता है।
हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हालात यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और संवेदनशील हो सकती है।

