रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले से ईरान का कोई लेना-देना नहीं: आईआरजीसी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हुए कथित हमले को लेकर अपनी स्थिति साफ करते हुए किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है। जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से सामने आई इस घटना की वे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
बयान में स्पष्ट किया गया कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं की कार्रवाई एक निर्धारित रणनीति और घोषित लक्ष्यों के अनुसार होती है। इस तरह के हमले, जिनमें नागरिक या राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया जाए, ईरान की सैन्य नीति का हिस्सा नहीं हैं। IRGC ने जोर देकर कहा कि यह घटना ईरानी बलों से किसी भी रूप में जुड़ी नहीं है।
IRGC ने इस हमले के पीछे “ज़ायोनी तत्वों” की भूमिका होने का आरोप लगाया और कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए इस तरह की कार्रवाइयाँ जानबूझकर की जाती हैं। बयान के अनुसार, दुश्मन ताकतें पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने और देशों के बीच अविश्वास पैदा करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
इसके साथ ही ईरान ने दावा किया कि उसने पहले ही अपने सैन्य लक्ष्यों को पारदर्शी रूप से घोषित किया हुआ है और पड़ोसी तथा मुस्लिम देशों को चेतावनी भी दी थी कि वे ऐसी “साजिशों” से सतर्क रहें।
अंत में IRGC ने क्षेत्र के देशों से अपील की कि वे अमेरिकी-ज़ायोनी गठजोड़ द्वारा कथित रूप से रची जा रही अस्थिरता की योजनाओं को समझें और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए सतर्क और एकजुट रहें।

