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होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा कई दशकों तक ईरान ने सुनिश्चित की: बक़ाई

होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा कई दशकों तक ईरान ने सुनिश्चित की: बक़ाई

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा: ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा का संरक्षक और निगहबान रहा है। पिछले 40 दिनों में इस जलमार्ग की सुरक्षा और स्थिरता में जो भी बाधा आई है, उसका एकमात्र कारण अमेरिका और इज़रायल द्वारा थोपा गया युद्ध है।एक तटीय देश होने के नाते ईरान, क्षेत्रीय देशों के सहयोग से इस जलमार्ग की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम है, बशर्ते कि अमेरिका का हस्तक्षेप और यह थोपे गए युद्ध समाप्त हो जाएं।

आक्रामक देशों को किसी भी प्रकार की सहायता देने वाले देश भी जिम्मेदार होंगे।

जिन भी मामलों की जानकारी हमें सशस्त्र बलों के माध्यम से मिली है, उन्हें दस्तावेज़ित किया जा रहा है और गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि आक्रामक पक्षों की किसी भी प्रकार की मदद करना, उनके साथ सहयोग और साझेदारी के रूप में देखा जाएगा, और इसमें शामिल देशों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

ईरान का परमाणु कार्यक्रम कभी भी शांतिपूर्ण उद्देश्यों के अलावा नहीं रहा।

अमेरिकी अधिकारी यह दिखाने पर ज़ोर दे रहे हैं कि वे ईरान की नीतियों से अनजान हैं, जो उनकी ग़लत नीयत को दर्शाता है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम हमेशा से केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए रहा है।

वैश्विक समुदाय को ईरान के तथाकथित परमाणु हथियार के नाम पर डराना एक निराधार और काल्पनिक बात है। हमसे यह अपेक्षा की जा रही है कि हम किसी ऐसी चीज़ के अस्तित्व को न होने का प्रमाण दें, जो है ही नहीं।

हम खुद जानते हैं कि अपनी अर्थव्यवस्था को कैसे विकसित करना है। जो लोग कुछ दिन पहले तक ईरान को “पाषाण युग” में वापस भेजने की बात कर रहे थे और हमारे बुनियादी ढांचे को धमकी दे रहे थे, वे इस स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं कि उनकी ऐसी बातों को गंभीरता से लिया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि, आज संभावना है कि हम पाकिस्तान के एक प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करेंगे। यह इस्लामाबाद में हुई बातचीत की निरंतरता में है, और जिन मुद्दों पर पाकिस्तानी पक्ष ने अमेरिका के साथ चर्चा की है, उन पर भी इस यात्रा के दौरान विस्तार से दोनों पक्षों के विचारों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

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