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ईरान ने युद्ध-विराम उल्लंघन और अमेरिका की धमकी भरी बयानबाज़ी की निंदा की

ईरान ने युद्ध-विराम उल्लंघन और अमेरिका की धमकी भरी बयानबाज़ी की निंदा की

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई ने आज गुरुवार तड़के बंदर अब्बास के कुछ क्षेत्रों पर अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमले की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा कि ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ की गई ये आक्रामक कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की यह कानूनी ज़िम्मेदारी है कि वह अमेरिकी हमलावरों को जवाबदेह ठहराने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 19 फ़रवरी के युद्धविराम समझौते के लगातार उल्लंघन की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमेरिका ने ख़ास तौर पर फ़ारस की खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाक़ों में व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बनाया है तथा पिछले कुछ दिनों में ईरान के दक्षिणी क्षेत्रों पर हवाई हमले भी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

बक़ाई ने ईरान और क्षेत्र के कुछ अन्य देशों के खिलाफ अमेरिकी अधिकारियों की धमकी भरी बयानबाज़ी की भी निंदा की और मित्र व भाई देश ओमान के साथ एकजुटता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि,

संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य देश को “तबाह करने” की धमकी देना, जिसने हमेशा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए रचनात्मक, प्रभावी और ज़िम्मेदार भूमिका निभाई है तथा वर्षों से कूटनीतिक प्रयासों में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर शांति और स्थिरता को बढ़ावा दिया है, न केवल बल प्रयोग की धमकी पर प्रतिबंध के मूल सिद्धांत का उल्लंघन है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में क़ानून तोड़ने और दबंगई को सामान्य बनाने का एक ख़तरनाक संकेत भी है।

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