अगर अमेरिका की “उकसावे वाली कार्रवाइयाँ जारी रहीं, तो कड़ा जवाब मिलेगा: ईरान
ईरान के हज़रत ख़ातमुल-अंबिया (स.) केंद्रीय मुख्यालय ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सेना क्षेत्र में अपनी घेराबंदी, समुद्री हस्तक्षेप और कथित समुद्री लूटपाट जैसी गतिविधियाँ जारी रखती है, तो उसे ईरान की सशस्त्र सेनाओं की निर्णायक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
ईरानी सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि देश अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी बाहरी दबाव या सैन्य उकसावे के सामने झुकने वाला नहीं है।
बयान में यह भी कहा गया कि, इस्लामी गणराज्य ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में अधिक मजबूत और संगठित हुई है। ईरान का दावा है कि उसकी सेनाएँ आधुनिक हथियारों, उन्नत रक्षा प्रणालियों और व्यापक रणनीतिक तैयारी से लैस हैं। इसी संदर्भ में अमेरिकी सेना को यह याद दिलाया गया कि वह अतीत में भी ईरान की सैन्य शक्ति और उसकी आक्रामक जवाबी क्षमता का अनुभव कर चुकी है।
ईरानी कमान ने विशेष रूप से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए कहा कि, यह रणनीतिक समुद्री मार्ग ईरान की निगरानी और नियंत्रण में है, और क्षेत्र में दुश्मनों की हर गतिविधि पर करीबी नज़र रखी जा रही है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहाँ किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
अपने बयान के अंत में ईरान ने दोहराया कि, यदि अमेरिका या उसके सहयोगी किसी भी प्रकार की नई सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर और व्यापक होगा। इस चेतावनी को क्षेत्र में बढ़ते तनाव और शक्ति-प्रदर्शन के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

