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‘अब मुझे इस्राईली होने पर गर्व महसूस नहीं होता’: इस्राईली अभिनेत्री चेली गोल्डेनबर्ग

‘अब मुझे इस्राईली होने पर गर्व महसूस नहीं होता’: इस्राईली अभिनेत्री चेली गोल्डेनबर्ग

प्रसिद्ध इस्राईली अभिनेत्री चेली गोल्डेनबर्ग ने कहा कि, उनकी पीढ़ी को 1967 के युद्ध के बाद उस बात को स्वीकार करने में लगभग 10 साल लग गए, जिसे उन्होंने ‘क़ब्ज़े का पाप’ बताया। उन्होंने कहा, “आज जो कुछ भी हो रहा है, वह इसी क़ब्ज़े का नतीजा है।” उन्होंने धार्मिक दमन, यहूदी बस्तियों में रहने वाले कट्टरपंथी लोगों, यहूदी आतंकवाद और अहंकार का ज़िक्र करते हुए यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि “किसी भी अल्पसंख्यक को अपनी आज़ादी के लिए लड़ने का अधिकार है।”

चेली गोल्डेनबर्ग उस समय स्पष्ट रूप से घबरा गईं, जब उन्हें पता चला कि फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों पर इस्राईल के क़ब्ज़े को लेकर उनकी आलोचनात्मक टिप्पणियाँ इस्राईली टीवी चैनल 13 पर लाइव प्रसारित हो चुकी थीं। उन्हें लगा था कि, उस समय कैमरे बंद थे। यह इंटरव्यू उनके करियर और इस्राईल के सांस्कृतिक जीवन में उनकी भूमिका पर चर्चा करने के लिए आयोजित किया गया था, लेकिन बातचीत का रुख़ बदलकर फ़िलिस्तीन-इस्राईल संघर्ष की ओर मुड़ गया।

जब इस्राईली अभिनेत्री से पूछा गया कि क्या उन्हें अब भी इस्राईली होने पर खुशी महसूस होती है, तो उन्होंने कहा, “मैं गर्व महसूस करना चाहती हूँ, लेकिन अब मुझे इस्राईली होने पर गर्व नहीं होता। जब इंटरव्यू लेने वालों में से एक व्यक्ति ने उन्हें चेतावनी दी कि, टेलीविज़न पर इस तरह की टिप्पणी करना ‘ख़तरनाक’ हो सकता है, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं यह बात ऑन एयर नहीं कह रही हूँ। मैं यह धीमी आवाज़ में कह रही हूँ।”

‘इस्राईल का क़ब्ज़ा ही बाद में हुई तमाम घटनाओं का कारण बना’

1954 में जन्मी इस अभिनेत्री ने कहा कि उनकी पीढ़ी को 1967 के युद्ध के बाद उस बात को स्वीकार करने में लगभग 10 साल लग गए, जिसे उन्होंने ‘क़ब्ज़े का पाप’ बताया था।

उन्होंने कहा,

“आज जो कुछ भी हो रहा है, वह इसी कब्ज़े का नतीजा है। उन्होंने धार्मिक दमन, यहूदी बस्तियों में रहने वाले कट्टरपंथी लोगों, यहूदी आतंकवाद और अहंकार का ज़िक्र करते हुए यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि “किसी अल्पसंख्यक को अपनी आज़ादी के लिए लड़ने का अधिकार है।”

इस पर इंटरव्यू लेने वालों में से एक व्यक्ति ने जवाब दिया कि, इस बात को इस्राईली नागरिकों या किसी भी अन्य आम नागरिकों की हत्या को उचित ठहराने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। गोल्डेनबर्ग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि, उनकी आलोचना के पीछे इस्राईल के प्रति प्रेम है, न कि देशभक्ति की कमी।

उन्होंने कहा, “मैं बहुत बड़ी देशभक्त हूँ। मैं इस देश से प्यार करती हूँ। यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसे आप अपने बच्चे को कुछ ऐसा बनते हुए देखें, जिसे देखकर आपको कहना पड़े कि मैंने तुम्हारी परवरिश इस तरह नहीं की थी।” गोल्डेनबर्ग को जब बताया गया कि, उनका इंटरव्यू लाइव प्रसारित हो रहा था, तब उन्हें इसका एहसास हुआ।

उन्होंने कहा,

“आपने मुझे नहीं बताया कि हम ऑन एयर थे। मुझे लगा था कि विज्ञापनों का ब्रेक चल रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा कि अब इस मामले में क्या करूँ। मैं वास्तव में सदमे में हूँ।” बाद में उन्होंने अपने बयान देने के तरीके के लिए दर्शकों से माफ़ी माँगी। उन्होंने कहा, “मैं बहुत भावुक इंसान हूँ। जब बोलती हूँ, तो बहुत जुनून के साथ बोलती हूँ। मैं पूरी तरह आग और शोले बन जाती हूँ।”

गोल्डेनबर्ग पहली बार किशोरावस्था में एक मॉडल के रूप में लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सफल हुई थीं। बाद में, 1978 में रिलीज़ हुई फ़िल्म हा-लहाका (द ट्रूप) से उन्हें व्यापक प्रसिद्धि मिली।

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