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ऐतिहासिक अल-शकीफ़ किले में इज़रायली सेना की मौजूदगी के दावे पर हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रिया

ऐतिहासिक अल-शकीफ़ किले में इज़रायली सेना की मौजूदगी के दावे पर हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रिया

लेबनान की इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के सैन्य संचालन कक्ष ने ऐतिहासिक अल-शकीफ़ किले पर इज़रायली सेना की मौजूदगी और नियंत्रण संबंधी दावों को एक “प्रचारात्मक प्रयास” करार देते हुए उसे वास्तविक सैन्य स्थिति से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।

जारी बयान में कहा गया कि यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब प्रतिरोध बलों और इज़रायली सेना के बीच संघर्ष जारी है तथा हिज़्बुल्लाह के अनुसार हाल के अभियानों में इज़रायली पक्ष को नुकसान पहुँचा है। संगठन ने विशेष रूप से अपने विस्फोटक क्वाडकॉप्टर ड्रोन अभियानों और उनसे संबंधित वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों ने इज़रायली सैन्य प्रतिष्ठान पर दबाव बढ़ाया है।

हिज़्बुल्लाह का कहना है कि अल-शकीफ़ किले को लेकर किए जा रहे दावे मुख्य रूप से मनोवैज्ञानिक और मीडिया युद्ध का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य इज़रायल के भीतर बढ़ती चिंताओं को कम करना और यह संदेश देना है कि स्थिति उसके नियंत्रण में है। संगठन के अनुसार, प्रचार अभियानों के माध्यम से युद्धक्षेत्र की वास्तविकताओं को बदला नहीं जा सकता।

बयान में आगे कहा गया कि ऐतिहासिक स्थलों और प्रतीकात्मक क्षेत्रों का उपयोग राजनीतिक तथा मीडिया उद्देश्यों के लिए करना इज़रायली रणनीति का हिस्सा रहा है, लेकिन इससे संघर्ष की वास्तविक परिस्थितियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। हिज़्बुल्लाह ने दावा किया कि प्रतिरोध की क्षमताएँ बरकरार हैं और वह अपने अभियानों को जारी रखेगा।

संगठन ने दोहराया कि सैन्य टकराव का परिणाम प्रचार अभियानों या मीडिया दावों से नहीं, बल्कि जमीनी घटनाक्रम से तय होगा। हिज़्बुल्लाह के अनुसार, अल-शकीफ़ किले को लेकर किए गए दावे प्रतिरोध के बढ़ते दबाव के बीच मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने का प्रयास हैं।

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