हिज़्बुल्लाह के FPV ड्रोन अब थर्मल कैमरों से लैस
हिज़्बुल्लाह के युद्धक मीडिया विभाग ने कुछ घंटे पहले दक्षिणी लेबनान के अल-बैयादा कस्बे में शनिवार को किए गए अपने एक ऑपरेशन का वीडियो जारी किया। इस वीडियो में प्रतिरोध बलों का एक विस्फोटक क्वाडकॉप्टर दो इज़रायली सैनिकों को निशाना बनाते हुए दिखाई देता है। इस वीडियो की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लेबनानी इस्लामी प्रतिरोध का यह अभियान रात के समय और थर्मल कैमरे के उपयोग के साथ अंजाम दिया गया।
इसी संदर्भ में इज़रायली चैनल 12 के एक संवाददाता ने बताया कि थर्मल कैमरे से लैस विस्फोटक क्वाडकॉप्टर का यह वीडियो जारी होने से पहले आज सुबह इज़रायली सेना ने स्वीकार किया था कि हिज़्बुल्लाह के पास ऐसी क्षमता होने की जानकारी उन्हें नहीं थी।
हिज्बुल्लाह FPV ड्रोन एक रणनीतिक खतरा: हिब्रू मीडिया
हिज़्बुल्लाह के FPV ड्रोन हमलों से लगातार हो रहे नुकसान और इज़रायली सेना की इनके खिलाफ प्रभावी समाधान खोजने में विफलता के बाद हिब्रू अख़बार “येदियौत आहरोनोत” ने रिपोर्ट दी है कि ये छोटे ड्रोन अब एक रणनीतिक खतरे में बदल चुके हैं।
अख़बार ने बताया कि हाल के दिनों में हिज़्बुल्लाह के FPV ड्रोन के खतरे के कारण कई इंजीनियरिंग मशीनों को क्षेत्र से हटा लिया गया है। साथ ही ज़ायोनी ठेकेदारों को निर्देश दिया गया है कि ड्रोन हमलों के डर से अधिकांश गतिविधियाँ रात के समय की जाएँ। इसके परिणामस्वरूप इमारतों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया की गति धीमी पड़ गई है।
“येदियौत आहरोनोत” ने आगे लिखा कि पिछले कुछ हफ्तों में हिज़्बुल्लाह ने इन ड्रोन के इस्तेमाल में अपनी रणनीति बदल दी है। अब संगठन पहले खुफिया जानकारी इकट्ठा करता है और निगरानी अभियान चलाता है, फिर उस विशेष क्षेत्र पर केंद्रित हमला करता है जहाँ इज़रायली सैनिक मौजूद होते हैं। इसके बाद कई FPV ड्रोन एक साथ उस क्षेत्र की ओर भेजे जाते हैं। कई बार ये हमले एक ही समय में या क्रमवार तरीके से अंजाम दिए जाते हैं।

