सरकार सेना को देश की जनता के खिलाफ न खड़ा करे: हिज़्बुल्लाह लेबनान
हिज़्बुल्लाह की कार्यकारी परिषद के प्रमुख ने लेबनान सरकार को संबोधित करते हुए कहा कि, सेना को प्रतिरोध के सामने न लाया जाए। सेना का कर्तव्य है आक्रमण का सामना करना, आंतरिक शांति बनाए रखना और स्थिरता की गारंटी देना, न कि लेबनान की जनता से टकराना। हिज़्बुल्लाह की कार्यकारी परिषद के प्रमुख शेख अली दमूश ने कहा कि, सरकार उन चीज़ों और बातों भ्रांति पर भरोसा कर रही है जो अमेरिका और इज़रायल ने उनके मन में बिठा दी है कि, प्रतिरोध कमजोर हो गया है।
हम चर्चा और संवाद के लिए तैयार हैं
अल-मनार चैनल के हवाले से शेख दमूश ने कहा: हम चर्चा और संवाद के लिए तैयार हैं, लेकिन ऐसे किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे जो लेबनान को उसकी ताक़त से वंचित करे।उन्होंने स्पष्ट किया: वे सोचते थे कि फैसलों, दबावों, हमलों और विनाशकारी युद्ध की धमकी से वे प्रतिरोध को आज्ञाकारी बना देंगे और उसे अमेरिका व इज़रायल के फ़ैसलों और शर्तों के आगे झुका देंगे, लेकिन वे हिज़्बुल्लाह और अमल आंदोलन की दृढ़ता और प्रतिरोध की जड़ों के सशस्त्र रहने के संकल्प से हैरान रह गए।
उन्होंने आगे कहा: सरकार की तोड़फोड़ की कोशिशें रोकी और नियंत्रित कर दी गई हैं। जो यह समझे कि, प्रतिरोध दबाव और धमकी से हार मान लेगा, वह भ्रम में है, और जो इसकी कमजोरी पर दांव लगाएगा, उससे भी बड़ा भ्रमित होगा।
शेख दमूश ने सरकार से कहा: सेना को प्रतिरोध के सामने मत लाएँ और उसे अपनी जनता के खिलाफ मत खड़ा करें। सेना का काम आक्रमण का जवाब देना, आंतरिक शांति की रक्षा करना और स्थिरता बनाए रखना है, न कि लेबनान की जनता से लड़ना।
ऐसे किसी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे जो लेबनान की ताक़त छीन ले
उन्होंने जोर देकर कहा: एकमात्र समाधान राष्ट्रीय संवाद है, जिसमें रक्षा रणनीति पर चर्चा हो। हम संवाद के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी ऐसे प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे जो लेबनान की ताक़त छीन ले।
शेख दमूश ने कहा: हथियारों के मुद्दे पर चालाकी और चालबाज़ी किसी से छिपी नहीं रहेगी। हम यह स्वीकार नहीं करेंगे कि हमारी ताक़त और हमारी सबसे अहम रक्षात्मक पंक्ति, अमेरिका और इज़रायल की सेवा में हमसे और लेबनान से छीनी जाए।
उन्होंने यह भी कहा: हम यह मंज़ूर नहीं करेंगे कि, लेबनान को एक कमजोर और नाज़ुक इकाई में बदल दिया जाए जिसे अंदर और बाहर से आसानी से निशाना बनाया जा सके। शेख दमूश ने अंत में कहा: अमेरिका का लेबनान और पूरे क्षेत्र पर लगातार आक्रमण इस बात की पुष्टि करता है कि प्रतिरोध एक राष्ट्रीय आवश्यकता है।

