इज़रायली सेना पर हिज़्बुल्लाह के व्यापक ड्रोन हमले, लगातार बज रहे हैं सायरन
इज़रायल के सरकारी प्रसारण संगठन Israel Broadcasting Corporation के अनुसार, लेबनानी प्रतिरोध बलों ने दक्षिणी लेबनान में मौजूद इज़रायली सैनिकों को निशाना बनाते हुए “दर्जनों ड्रोन” दागे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये ड्रोन हमले दक्षिणी लेबनान में तैनात इज़रायली सेना की इकाइयों के खिलाफ किए गए।
Channel 12 ने रिपोर्ट दी है कि आज सुबह से उत्तरी इज़रारल में हर 22 मिनट के अंतराल पर मिसाइल हमलों की चेतावनी देने वाले सायरन बज रहे हैं।
इज़रायली सेना लेबनान में किसी भी स्थान पर स्थायी रूप से तैनात होने में सफल नहीं हुई: हिज़्बुल्लाह
लेबनान के टीवी नेटवर्क अल मयादीन ने हिज़्बुल्लाह के विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया है कि इज़रायल जिस चीज़ को एक बड़ी सैन्य उपलब्धि के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, वह वास्तव में कई महीनों की भीषण लड़ाई के बाद हुई केवल सीमित बढ़त है।
इन सूत्रों के अनुसार, इज़रायल ने लितानी नदी तक पहुँचने के लिए सीमा से सबसे छोटा और निकटतम मार्ग चुना तथा उसे एक बड़ी सफलता के रूप में प्रस्तुत किया है।
लेबनानी इस्लामी प्रतिरोध (हिज़्बुल्लाह) के सूत्रों का कहना है कि इज़रायली सेना जिन क्षेत्रों में दाखिल हुई है, वहाँ न तो स्थिर नियंत्रण स्थापित कर सकी है और न ही अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाई है। इसी कारण वह अपनी सीमित प्रगति को बड़ी उपलब्धि बताने का प्रयास कर रही है।
इन सूत्रों के मुताबिक, जिस सीमा क्षेत्र असबअ अल-जलील से इज़रायल ने अपना हमला शुरू किया था, वहाँ से लितानी नदी की दूरी तीन किलोमीटर से भी कम है। इसके बावजूद इज़रायली सेना को लगभग तीन महीने लग गए और इस दौरान वह अपने अग्रिम मोर्चे के रास्ते में आने वाले केवल आठ लेबनानी गाँवों पर कब्ज़ा कर सकी तथा अंततः लितानी नदी तक पहुँची।

