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हिज़्बुल्लाह इज़रायल के हर हमले का सीधा जवाब दे रहा है: इज़रायली मीडिया

हिज़्बुल्लाह इज़रायल के हर हमले का सीधा जवाब दे रहा है: इज़रायली मीडिया

फ़ार्स इंटरनेशनल और विदेश नीति की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान और कब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी इलाक़ों के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर हिज़्बुल्लाह और इज़रायली शासन आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। इज़रायली मीडिया ने स्वीकार किया है कि हालात दोबारा उसी “पारस्परिक जवाबी कार्रवाई” वाले दौर में लौट चुके हैं, जहां हर हमले का जवाब सीधे दूसरे हमले से दिया जा रहा है।

इज़रायल के चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, इज़रायली सेना के एक अधिकारी ने माना कि अब हिज़्बुल्लाह ने स्पष्ट रूप से अपनी सैन्य रणनीति फिर से लागू कर दी है। इस रणनीति के तहत यदि इज़रायली सेना बेरूत के उपनगर दाहिया पर हमला करती है तो जवाब में हिज़्बुल्लाह हैफ़ा को निशाना बनाएगा। इसी तरह यदि बेरूत पर व्यापक हमला किया गया तो तेल अवीव पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी। वहीं दक्षिणी लेबनान पर हमले की स्थिति में उत्तरी कब्ज़े वाले इलाक़ों की ज़ायोनी बस्तियों को निशाना बनाया जाएगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इज़रायली सैन्य अधिकारियों के भीतर इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि हिज़्बुल्लाह केवल चेतावनी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह जवाबी कार्रवाई की अपनी क्षमता और तैयारी का खुला संदेश दे रहा है। यही वजह है कि इज़रायली मीडिया इसे “पुराने प्रतिरोधी समीकरण की वापसी” बता रहा है।

इसी बीच इज़रायल के चैनल 15 ने एक और महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्रसारित की, जिसमें दावा किया गया कि हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी कब्ज़े वाले क्षेत्र की बस्ती “किरयात शमोना” के निवासियों को एक रिकॉर्डेड टेलीफोन संदेश भेजा। यह संदेश हिब्रू भाषा में था ताकि सीधे वहां रहने वाले ज़ायोनी बाशिंदों तक पहुंच सके।

इस रिकॉर्डेड कॉल में कहा गया: “हैलो, सलाम। अभी भी तुम्हारे पास शहर खाली करने का अवसर है। जब हम वहां पहुंचेंगे, तब फैसला करेंगे कि तुम्हें गिरफ़्तार कर क़ैदी बनाना है या मार देना है। शहर के दरवाज़ों को देखो, यह शहर हमारा है। याद रखो, हम कुत्तों की परवरिश करने नहीं आ रहे।”

रिपोर्टों के अनुसार, इस संदेश का उद्देश्य उत्तरी कब्ज़े वाले इलाक़ों में रह रहे ज़ायोनी बाशिंदों के भीतर भय और मानसिक दबाव पैदा करना था। बताया गया कि बातचीत के अंत में बार-बार सुनाई देने वाली हंसी ने इस मनोवैज्ञानिक युद्ध को और अधिक प्रभावशाली बनाने की कोशिश की।

विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि सीमा पर तनाव केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि अब मनोवैज्ञानिक और मीडिया युद्ध भी तेज़ हो चुका है। हिज़्बुल्लाह लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि किसी भी इज़रायली कार्रवाई का जवाब पहले से अधिक कठोर रूप में दिया जाएगा।

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