हिज़्बुल्लाह हमारे ऊपर नियंत्रण कर रहा है: इज़रायली वित्त मंत्री
इज़रायल की सुरक्षा कैबिनेट की एक अहम बैठक के दौरान भारी तनाव और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इब्रानी (हिब्रू) मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बैठक खास तौर पर उत्तरी मोर्चे—यानी लेबनान सीमा पर बढ़ते खतरे और हिज़्बुल्लाह की गतिविधियों को लेकर बुलाई गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक के दौरान इज़रायल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच ने सेना के शीर्ष नेतृत्व, खासकर चीफ ऑफ स्टाफ (IDF प्रमुख), पर कड़ी नाराज़गी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना उत्तरी सीमा पर स्थिति से निपटने में “सुस्ती” दिखा रही है, जिसकी वजह से हिज़्बुल्लाह का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्मोट्रिच ने तीखे शब्दों में कहा कि मौजूदा हालात में ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो हिज़्बुल्लाह ही इज़रायल की रणनीति तय कर रहा हो। उनके अनुसार, सेना द्वारा पेश की जा रही योजनाएँ कागज़ों पर तो प्रभावी लगती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनका असर दिखाई नहीं देता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति जारी रही, तो उत्तरी इज़रायल के नागरिकों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ सकता है और वे शरणार्थियों जैसी स्थिति में पहुँच जाएंगे।
बैठक के दौरान स्मोट्रिच ने लेबनान के अंदर एक “बफ़र ज़ोन” (सुरक्षा क्षेत्र) बनाने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि जब तक सीमा के उस पार एक सुरक्षित क्षेत्र नहीं बनाया जाएगा, तब तक उत्तरी इलाकों में रहने वाले नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं कर पाएंगे।
इसी बीच, इज़रायली सेना प्रमुख (IDF चीफ) ने भी स्थिति की गंभीरता को लेकर चेतावनी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कैबिनेट बैठक में कहा कि सेना “आंतरिक दबाव और लगातार संघर्ष” के चलते टूटने के कगार पर पहुँच सकती है। उन्होंने कई “रेड फ्लैग” (गंभीर संकेत) उठाते हुए इशारा किया कि मौजूदा हालात सेना की क्षमता और मनोबल पर गहरा असर डाल रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्षों के बीच समय-समय पर झड़पें और हमले हो रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर संघर्ष की आशंका बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इज़रायल के भीतर इस तरह की खुली असहमति यह दर्शाती है कि सरकार और सेना के बीच रणनीति को लेकर गंभीर मतभेद उभर रहे हैं। इसका असर आने वाले समय में इज़रायल की सुरक्षा नीति और सैन्य फैसलों पर पड़ सकता

