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वैश्विक मंच पर जर्मन चांसलर की मौजूदगी दोहरी निराशा का कारण: अराक़ची

वैश्विक मंच पर जर्मन चांसलर की मौजूदगी दोहरी निराशा का कारण: अराक़ची

विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने आज जर्मनी के चांसलर फ़्रेडरिष मर्त्स के हस्तक्षेपकारी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, वैश्विक मंच पर जर्मनी के प्रतिनिधि के रूप में मर्त्स की मौजूदगी वास्तव में दोहरी निराशा का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जर्मनी में एक बार फिर अधिक समझदार, जिम्मेदार और सम्मानजनक राजनीतिक नेतृत्व लौटेगा।

जर्मनी कभी यूरोप की प्रगति का इंजन था,आज उसके पतन का इंजन बन गया
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के विदेश नीति समूह के अनुसार, विदेश मंत्री अराक़ची ने गुरुवार को जर्मन चांसलर फ़्रेडरिष मर्त्स के अस्थिर और अपरिपक्व बयानों व रुख़ पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि, जर्मनी कभी यूरोप की प्रगति का इंजन था, लेकिन आज वह यूरोप के पतन का इंजन बन गया है।

विदेश मंत्रालय के प्रमुख ने कहा कि पिछले वर्ष अक्टूबर में न्यूयॉर्क में, मर्त्स के आग्रह पर, तीन यूरोपीय देशों ने स्वयं ही परमाणु वार्ताओं में अपनी भूमिका को दरकिनार कर दिया और इसके बजाय ईरान के खिलाफ़ संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को पुनः लागू करने के रास्ते पर चल पड़े। अब वही व्यक्ति दोबारा उन्हीं वार्ताओं में लौटने की गुहार लगा रहा है।

अराक़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि हम ईरानी दुर्भाग्यवश पहले भी मर्त्स की राजनीतिक अपरिपक्वता और अनुचित व्यवहार के कई उदाहरण देख चुके हैं।

मर्त्स की कल्पनाएँ
उन्होंने आगे कहा कि जून 2025 में, जब इज़रायल ने एक हज़ार से अधिक ईरानियों की हत्या की, तब मर्त्स की प्रतिक्रिया खुशी से भरी हुई थी। इसके अलावा, मर्त्स ने बार-बार सार्वजनिक रूप से यह दावा किया कि ईरान कुछ ही हफ्तों में ढहने वाला है और इस तरह की काल्पनिक बातें करता रहा है।

अराक़ची ने कहा कि जर्मन राष्ट्र एक महान राष्ट्र है, जिसने अपनी मेहनत और नवाचार के ज़रिए मानवता को महत्वपूर्ण सेवाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा जर्मनी के साथ मजबूत और रचनात्मक संबंध चाहता रहा है। इसी कारण मर्त्स जैसे व्यक्ति की वैश्विक मंच पर जर्मनी के प्रतिनिधि के रूप में मौजूदगी वास्तव में अत्यंत निराशाजनक है।

उन्होंने दोहराया कि हमें उम्मीद है कि जर्मनी में एक बार फिर अधिक विवेकशील, जिम्मेदार और सम्मानजनक राजनीतिक नेतृत्व स्थापित होगा।

फ़ार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, जर्मन चांसलर फ़्रेडरिष मर्त्स ने कल सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शीघ्र समाप्त करने के लिए उस पर और अधिक दबाव डालने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि ईरान की स्थिति पश्चिम एशिया में शांति की स्थापना में बाधा बन रही है और एक बार फिर ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया।

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