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ईरान के इस्पात उद्योग पर हमले के बाद इज़रायल के AI डेटा सेंटर बन सकते हैं अगला निशाना

ईरान के इस्पात उद्योग पर हमले के बाद इज़रायल के AI डेटा सेंटर बन सकते हैं अगला निशाना

इजरायली शासन द्वारा ईरान के इस्पात (स्टील) उद्योग को निशाना बनाए जाने के बाद अब जवाबी कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले को “खेल के नियम बदलने वाला” कदम माना जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि, भले ही इस हमले से बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसका संदेश साफ है—ईरान अब जवाब में इज़रायल के सबसे अहम और कमाई वाले सेक्टर, यानी हाई-टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डेटा सेंटरों को निशाना बना सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इज़रायल की अर्थव्यवस्था में हाई-टेक सेक्टर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र देश के कुल GDP का करीब 20% हिस्सा देता है और 50% से ज्यादा निर्यात इसी से होता है। ऐसे में अगर इस सेक्टर पर कोई बड़ा हमला होता है, तो इसका सीधा असर इज़रायल की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

रिपोर्ट में कुछ प्रमुख टेक कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें संभावित लक्ष्यों के तौर पर देखा जा रहा है। इनमें चेक प्वाइंट, साइबरआर्क, मंडे डॉट कॉम, विक्स, टॉवर सेमीकंडक्टर, नोवा, कैमटेक, मोबाइलआई, एनविडिया, नेबियस ग्रुप और इज़राइल में इंटेल के कई बड़े फैब्रिकेशन प्लांट शामिल हैं। इसके अलावा “सेफ सुपर इंटेलिजेंस (SSI)” का नाम भी लिया गया है।

हालांकि, अभी तक इन संभावित लक्ष्यों पर किसी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उससे यह साफ है कि क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

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