इज़रायली सैनिकों के परिवारों ने नेतन्याहू और काट्ज़ को कड़ा पत्र लिखा
इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षामंत्री इज़रायल काट्ज़ की नीतियों के खिलाफ अब इज़रायल के भीतर ही असंतोष तेज़ होता दिखाई दे रहा है। टाइम्स ऑफ इज़रायल की रिपोर्ट के अनुसार, नहाल ब्रिगेड की रिकॉनिसेंस यूनिट में तैनात सैनिकों के दर्जनों माता-पिता ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू और युद्ध मंत्री इज़रायल काट्ज़ को एक कड़ा पत्र लिखकर दक्षिणी लेबनान में अपने बच्चों की तैनाती पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
इन परिवारों का आरोप है कि सरकार बिना पर्याप्त रणनीतिक तैयारी और सुरक्षा इंतज़ामों के सैनिकों को खतरनाक मोर्चों पर भेज रही है। उनका कहना है कि लेबनान में तैनात सैनिकों को पर्याप्त हवाई समर्थन तक नहीं मिल रहा, क्योंकि इज़रायल की वायुसेना का बड़ा हिस्सा इस समय ईरान की ओर केंद्रित कर दिया गया है। इससे जमीनी सैनिकों की सुरक्षा कमजोर हुई है और हताहतों की संख्या बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
माता-पिता ने अपने पत्र में नेतन्याहू और काट्ज़ की नीतियों को “गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए कहा कि उनके बच्चे पिछले तीन वर्षों से लगातार अलग-अलग मोर्चों पर कठिन युद्ध लड़ रहे हैं, फिर भी सरकार उनकी थकान, मानसिक स्थिति और सुरक्षा की अनदेखी कर रही है। उन्होंने इसे “हमारे बच्चों का अनुचित और क्रूर उपयोग” करार दिया।
परिवारों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत अपनी सैन्य नीति में बदलाव नहीं किया, तो यह न सिर्फ और अधिक सैनिकों की जान जोखिम में डालेगा, बल्कि देश के भीतर जनता का भरोसा भी कमजोर करेगा। यह पत्र इज़रायल के भीतर बढ़ती उस बेचैनी को दर्शाता है, जहां अब आम नागरिक भी सरकार की युद्ध नीति और नेतृत्व की प्राथमिकताओं पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं।

