खुद इज़रायली मीडिया ने माना, ईरान अजेय है, हम युद्ध में फंस गए हैं
अल-मयादीन ने इज़रायली अख़बार येदिओत अहरोनोत (Yedioth Ahronoth) के हवाले से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें इज़रायल के भीतर बढ़ती चिंता और असंतोष का जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार कुछ विश्लेषकों और अधिकारियों का मानना है कि जिस दुश्मन का सामना इज़रायल कर रहा है, वह बेहद मजबूत, संगठित और लंबे समय तक लड़ने की क्षमता रखने वाला है। इसलिए यह कहा जा रहा है कि युद्ध को लेकर जो उम्मीदें जनता के सामने पेश की गई थीं, वे वास्तविकता से काफी दूर हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि “जो दुश्मन हमारे सामने खड़ा है, वह बेहद दृढ़ और लगभग अजेय साबित हो रहा है। इस युद्ध में जो भारी कीमत और पीड़ा हम झेल रहे हैं, उसका कोई स्पष्ट परिणाम दिखाई नहीं दे रहा, इसलिए बहुत से लोगों को लगने लगा है कि यह संघर्ष बेकार साबित हो रहा है।”
रिपोर्ट में यह भी आलोचना की गई है कि सरकारी अधिकारी और सैन्य नेतृत्व युद्ध की असली स्थिति के बारे में साफ-साफ जानकारी देने के बजाय जनता के सामने केवल आश्वासन और सामान्य बयान पेश कर रहे हैं। कहा गया है कि अधिकारियों द्वारा बार-बार एक जैसी बातें और नारे दोहराए जा रहे हैं, जिससे समाज में ऐसी उम्मीदें पैदा हो रही हैं जो वास्तविक हालात से मेल नहीं खातीं।
इसके अलावा रिपोर्ट में राजनीतिक नेतृत्व पर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि कुछ राजनेता इस स्थिति का इस्तेमाल अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने और सत्ता में बने रहने के लिए कर रहे हैं। इस कारण आम लोगों में यह भावना बढ़ती जा रही है कि उनकी परेशानियों और बलिदानों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार इसी वजह से जनता के एक हिस्से में राजनीतिक नेतृत्व के प्रति भरोसा कम होता जा रहा है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं बताई जा रही और युद्ध का अंत भी दिखाई नहीं दे रहा, तो आखिर यह संघर्ष किस दिशा में जा रहा है।

