यूरोप अब अपनी सुरक्षा के लिए केवल अमेरिका के भरोसे नहीं रह सकता: फ़्रांस
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने साफ़ कहा है कि यूरोप अब अपनी सुरक्षा के लिए केवल अमेरिका के भरोसे नहीं रह सकता। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ के देशों के बीच ऐसा समझौता मौजूद है, जिसके तहत अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो बाकी देश उसकी मदद के लिए आगे आएँगे। मक्रों ने ज़ोर देकर कहा कि यह व्यवस्था सिर्फ़ कागज़ी घोषणा नहीं, बल्कि एक मज़बूत रक्षा संकल्प है।
मैक्रों ने कहा कि, यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए अब ज़्यादा आत्मनिर्भर बनना होगा। उनका मानना है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में केवल अमेरिका पर निर्भर रहना यूरोप के लिए सही रणनीति नहीं है। इसलिए यूरोपीय देशों को मिलकर अपनी रक्षा क्षमता को मज़बूत करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि, अमेरिका की नीतियों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। खासकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के नेतृत्व में अमेरिका का रवैया पहले की तुलना में अधिक अप्रत्याशित दिखाई देता है। ऐसे में यूरोप के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि वह अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करे।
मक्रों का संदेश साफ़ है कि यूरोप को अपनी सेना, रक्षा उद्योग और सामरिक शक्ति को बढ़ाना चाहिए, ताकि किसी भी बाहरी खतरे का सामना वह एकजुट होकर कर सके। उनके इस बयान को यूरोप की स्वतंत्र सुरक्षा नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

