Site icon ISCPress

इस्राईल में चुनाव चोरी किए गए हैं, दोबारा कराए जाने चाहिए: बेन गवीर

इस्राईल में चुनाव चोरी किए गए हैं, दोबारा कराए जाने चाहिए: बेन गवीर

इस्राईल के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री और ‘ओत्ज़मा येहुदित’ पार्टी के नेता इतामार बेन गवीर ने कहा है कि इस्राईल में चुनावों में धांधली की गई है और उन्हें दोबारा कराया जाना चाहिए। उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू के राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए उम्मीद जताई कि नेतन्याहू सरकार गठन में उन्हें और बेज़ालेल स्मोट्रिच को नजरअंदाज नहीं करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय समाचार समूह, फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इतामार बेन गवीर ने राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने के बेंजामिन नेतन्याहू के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में हेरफेर किया गया है और उन्हें दोबारा कराया जाना चाहिए।

अमेरिका की ओर से इस्राईल को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोके जाने की ख़बरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने दावा किया कि, इस्राईल स्वतंत्र रूप से एफ-35 लड़ाकू विमान बनाने में सक्षम है। इस्राईल के सरकारी रेडियो स्टेशन ‘कान’ से बातचीत में बेन गवीर ने राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने के नेतन्याहू के बयान को ख़ारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सरकार राजनीतिक गतिरोध का कारण बनेगी।

उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार में दोनों राजनीतिक खेमे एक-दूसरे के कामकाज में बाधा डालेंगे और देश राजनीतिक ठहराव की स्थिति में पहुंच जाएगा। बेन गवीर ने कहा, “क्या आपको लगता है कि मैं ऐसी सरकार में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं?”

उन्होंने उम्मीद जताई कि नेतन्याहू उनके और धार्मिक ज़ायनिज्म पार्टी के नेता बेज़ालेल स्मोट्रिच के साथ गठबंधन ख़त्म नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “नेतन्याहू ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।”

नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों पर बेन गवीर ने कहा, “मुझे उनसे असहमति जताने का अधिकार है। मैं उनका सम्मान करता हूं, उन्हें महत्व देता हूं और उनसे प्यार करता हूं, लेकिन कभी-कभी उनसे मेरे मतभेद होते हैं और यह स्वाभाविक है। राजनीतिक साझेदारों के बीच संबंध भी इसी तरह के होते हैं।”

ओत्ज़मा येहुदित पार्टी के नेता ने आगे चुनाव परिणामों में कथित हेरफेर का आरोप लगाते हुए कहा, “यहां चुनाव चोरी किए गए हैं और ऐसे काम किए गए हैं, जो नहीं किए जाने चाहिए थे। चुनाव के नतीजों को विकृत किया गया है। यह मेरी धारणा और राय है और मेरा मानना है कि इस्राईल के बहुत से लोग भी ऐसा ही सोचते हैं।”

उन्होंने केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष नोआम सोलबर्ग पर भी ग़लती करने का आरोप लगाया। बेन गवीर के मुताबिक, चुनाव में कथित धांधली के कारण दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए थे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या नेतन्याहू और उनकी सरकार के समर्थक संसद (नेसेट) में प्रवेश कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह हिंसा को किसी समस्या का समाधान नहीं मानते।

बेन गवीर ने ‘टुगेदर’ गठबंधन के नेता नफ्ताली बेनेट और ‘इस्राईल हमारा घर’ पार्टी के नेता एविग्डोर लिबरमैन पर भी हरेदी समुदाय के लोगों की अनिवार्य सैन्य भर्ती से जुड़े कानून को लेकर अचानक अपना रुख़ बदलने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि गादी आइज़ेनकोट की संभावित सरकार में हरेदी पार्टियों को शामिल करने के लिए इन नेताओं की सहमति इस्राईली सैनिकों के मुंह पर थूकने के समान है।

अपने बयान के एक अन्य हिस्से में बेन गवीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद इस्राईल और अमेरिका के बीच राजनीतिक संकट पैदा होने की आशंकाओं को ख़ारिज किया, जिसमें उन्होंने इस्राईल को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने की बात कही थी।

बेन गवीर ने कहा, “हमें उनकी सुरक्षा संबंधी सहायता की जरूरत नहीं है और हमें किसी पर भी निर्भर नहीं रहना चाहिए।” उन्होंने यह भी दावा किया कि, इस्राईल अपने दम पर एफ-35 लड़ाकू विमानों का निर्माण कर सकता है।

उन्होंने कहा, “हमें अपने विमान खुद बनाने चाहिए। इस्राईल के पास उन्नत उद्योग और प्रतिभाशाली दिमाग वाले लोग हैं। अंततः यह निर्भरता हमें खुद से यह सवाल पूछने पर मजबूर कर देती है कि क्या हमें युद्ध में शामिल होने की अनुमति है या नहीं।”

Exit mobile version