नेतन्याहू के मुकाबले आइज़ेनकोट की स्थिति मजबूत, 56 सांसदों का मिला समर्थन
इस्राईल में प्रधानमंत्री पद को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइज़ेनकोट की स्थिति मजबूत होती दिखाई दे रही है। इस्राईली चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, आइज़ेनकोट को अब तक 56 सांसदों का समर्थन मिल चुका है, जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में 46 सांसद सामने आए हैं। हालांकि, इस्राईल में सरकार गठन का जनादेश हासिल करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग के साथ राजनीतिक दलों की बैठकों के दौरान यह स्थिति सामने आई। इन बैठकों का उद्देश्य सरकार गठन के लिए उपयुक्त उम्मीदवार का नाम राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तावित करना है। अविग्दोर लिबरमैन के नेतृत्व वाली पार्टी ‘यिस्राएल बेतेनु’ ने आइज़ेनकोट को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, अरब पार्टी राअम ने भी उन्हें जनादेश दिए जाने का समर्थन किया है।
दूसरी ओर, नेतन्याहू को लिकुड, शास, धार्मिक ज़ायोनीवाद और यहूदी शक्ति जैसी चार पार्टियों का समर्थन प्राप्त है। इन दलों के पास कुल 46 सीटें हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तीन पार्टियों ने उस समय तक किसी भी उम्मीदवार के समर्थन को लेकर अपना अंतिम रुख स्पष्ट नहीं किया था। इनमें यूनाइटेड तोराह यहूदी धर्म, राअम और संयुक्त अरब सूची शामिल थीं।
यूनाइटेड तोराह यहूदी धर्म के भीतर किसी भी उम्मीदवार के नाम की सिफारिश न करने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, नेतन्याहू और उनके सहयोगी लगातार बातचीत के जरिए इस पार्टी का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।
चैनल 12 के अनुसार, दोनों अरब पार्टियों का रुख काफी हद तक आइज़ेनकोट के अनुरोध पर निर्भर कर सकता है। यदि वे उनसे समर्थन मांगते हैं, तो ये पार्टियां उनके पक्ष में सिफारिश कर सकती हैं। इससे आइज़ेनकोट की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
राष्ट्रपति हर्ज़ोग के साथ राजनीतिक दलों की बैठकें 4 और 5 नवंबर को निर्धारित थीं। इन बैठकों में विभिन्न धार्मिक, दक्षिणपंथी, अरब और अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल होना था। फिलहाल आइज़ेनकोट और नेतन्याहू के बीच समर्थन का अंतर 10 सांसदों का है। ऐसे में सरकार गठन की निर्णायक स्थिति उन दलों के रुख पर निर्भर करेगी, जिन्होंने अभी तक अपना अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।

