ग़ाज़ा पर इज़रायली हमलों में दर्जनों निर्दोष नागरिक शहीद

ग़ाज़ा पर इज़रायली हमलों में दर्जनों निर्दोष नागरिक शहीद

ग़ाज़ा पट्टी में जारी इज़रायल के हमलों ने एक बार फिर निर्दोष नागरिकों को अपनी चपेट में ले लिया है। फिलिस्तीनी मीडिया के अनुसार, मंगलवार तड़के भी इज़रायली सेना ने ग़ाज़ा के विभिन्न इलाकों में बमबारी जारी रखी। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग शहीद और घायल हो गए हैं।

अस्पताल सूत्रों का बयान
अल-जज़ीरा नेटवर्क ने ग़ाज़ा पट्टी के अस्पताल सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि सोमवार सुबह से ग़ाज़ा पट्टी के विभिन्न क्षेत्रों में बमबारी के कारण शहीदों की संख्या 32 हो चुकी है। इसके अलावा, दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

रिहायशी इलाकों पर हमले
ग़ाज़ा शहर में सोने के बाज़ार के पास स्थित एक रिहायशी अपार्टमेंट पर इज़रायली हमले में चार लोग शहीद हो गए। इनमें दो महिलाएं, एक बच्चा और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। इस हमले में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

उत्तर और दक्षिणी गज़ा में हमले
अल-जज़ीरा के संवाददाता ने बताया कि इज़रायली तोपखाने ने उत्तरी ग़ाज़ा पट्टी के बैत लाहिया शहर को निशाना बनाया। इसके साथ ही, दक्षिण-पूर्वी गज़ा शहर के अल-ज़ैतून इलाके में स्थित एक घर पर इज़रायली विमानों ने बमबारी की। इस हमले में भी कई फिलिस्तीनी शहीद और घायल हो गए।

आम नागरिक बने निशाना
इन हमलों में रिहायशी इलाकों, बाजारों और घरों को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हमले न केवल उनके घरों और संपत्तियों को तबाह कर रहे हैं, बल्कि उनके जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं।

मानवीय संकट गहराया
इन हमलों के कारण ग़ाज़ा पट्टी में मानवीय संकट और गहरा गया है। घायलों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है क्योंकि अस्पताल पहले से ही संसाधनों की कमी और दवाईयों की कमी का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर सवाल
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ग़ाज़ा पट्टी में जारी इन हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उनका कहना है कि यदि इज़रायली शासन के इन हमलों को नहीं रोका गया, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग़ाज़ा में आम नागरिकों पर हो रहे इन हमलों ने एक बार फिर इस इलाके में शांति और स्थिरता की जरूरत को रेखांकित किया है। अब देखना होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट को लेकर कोई ठोस कार्रवाई करता है या नहीं।

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