ईरान में मोसाद के ऑपरेशनल नेटवर्क के सरग़ना को मौत की सज़ा
ईरानी अदालत ने विदेश में रहकर मोसाद के लिए काम करने वाले और देश के भीतर एक संगठित नेटवर्क संचालित करने वाले गुलामरेज़ा ख़ानी शकराब को मौत की सज़ा सुनाई है। उस पर ईरान के विभिन्न प्रांतों में असुरक्षा फैलाने, लक्षित हत्याओं की साज़िश रचने, सार्वजनिक सेवाओं में बाधा उत्पन्न करने और दुश्मन के पक्ष में प्रचार गतिविधियां चलाने का आरोप था।
ईरानी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आरोपी क्षेत्र के एक देश में रहकर ईरान के अंदर अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा था और कम समय में कई खुफिया एवं तोड़फोड़ संबंधी अभियानों को अंजाम दे चुका था। उसकी गतिविधियों पर नज़र रखने के बाद मामला आईआरजीसी की खुफिया इकाई को सौंपा गया, जिसने लंबे समय तक निगरानी और जांच के बाद पूरे नेटवर्क की पहचान कर ली।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी विदेश में मौजूद था, इसलिए उसे पकड़ने के लिए एक जटिल खुफिया अभियान चलाया गया। विशेष रणनीति और धोखे की कार्रवाई के जरिए उसे ईरान लाया गया, जबकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी देश के अलग-अलग प्रांतों में एक साथ गिरफ्तार किया गया।
अदालत में खुली सुनवाई, कानूनी प्रक्रिया और आरोपी की सफाई सुनने के बाद उपलब्ध सबूतों, दस्तावेज़ों और कथित स्वीकारोक्तियों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया और मौत की सज़ा सुनाई।

