फिलहाल हम ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं: अमीरात
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली “ईरान की ओर से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही है।”
जारी बयान में कहा गया है कि इस समय यूएई के विभिन्न इलाकों में जो आवाज़ें सुनाई दे रही हैं, वे वायु रक्षा प्रणालियों की कार्रवाई का परिणाम हैं, जो “बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन” को रोकने के लिए सक्रिय हैं।
संयुक्त अरब अमीरात द्वारा यह दावा किये गए इस दावे ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने का काम किया है। आलोचकों का कहना है कि बिना स्वतंत्र पुष्टि के ऐसे बयान जारी करना पूरे पश्चिम एशिया में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यूएई लंबे समय से क्षेत्रीय संघर्षों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में उसकी ओर से जारी सुरक्षा संबंधी बयान केवल रक्षा तक सीमित नहीं माने जाते, बल्कि उन्हें क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन और कूटनीतिक दबाव की राजनीति के रूप में भी देखा जाता है।
संयुक्त अरब अमीरात में वायु रक्षा प्रणालियाँ सक्रिय
यूएई ने घोषणा की है कि देश की वायु रक्षा प्रणालियाँ एक “मिसाइल खतरे” का जवाब दे रही हैं और सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्रिय कर दी गई हैं।
दुबई और अबू धाबी के लिए उड़ानें स्थगित
विमानों की आवाजाही पर नज़र रखने वाले सूत्रों के अनुसार, यूएई में वायु रक्षा प्रणालियों के सक्रिय होने के बाद दुबई और अबू धाबी जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
दुबई और अबू धाबी के लिए उड़ानों का रुकना इस बात का संकेत है कि तनाव का असर केवल सैन्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव आम नागरिकों, व्यापारिक गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर भी पड़ रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या अमीरात की नीतियाँ क्षेत्र में शांति स्थापित करने में सहायक हैं या फिर तनाव को और गहरा कर रही हैं।
कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस संवेदनशील समय में यूएई को ऐसे कदम उठाने चाहिए जो संवाद, संयम और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा दें, न कि ऐसे बयान जो संघर्ष की आशंका को और तीखा करें।

