ईरान के खिलाफ “सैन्य दुस्साहस” पर चीन की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र में चीन ने ईरान के खिलाफ किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि ईरान के खिलाफ कोई भी सैन्य दुस्साहस पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र को गंभीर अस्थिरता और अराजकता की ओर धकेल सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई के परिणाम बेहद विनाशकारी होंगे और यह पूरा क्षेत्र “नर्क में बदल सकता है।”
फ़ार्स समाचार एजेंसी के अंतरराष्ट्रीय समूह के अनुसार, चीनी प्रतिनिधि ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान एक संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि चीन ईरान में शांति और स्थिरता का समर्थन करता है और किसी भी देश को उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है। चीन का मानना है कि क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान संवाद, कूटनीति और आपसी सम्मान के ज़रिये ही संभव है, न कि सैन्य दबाव या बल प्रयोग से।
अल-मयादीन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी प्रतिनिधि ने ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि, ऐसे कदम से न केवल ईरान, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि, इससे अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
ईरान के खिलाफ अमेरिकी अधिकारियों के हालिया बयानों के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कई देशों ने चिंता व्यक्त की है। विभिन्न सरकारों और अंतरराष्ट्रीय पक्षों ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से हालात बेकाबू हो सकते हैं और इसके दूरगामी परिणाम होंगे।
इसके अलावा, चीन के प्रतिनिधि ने इज़रायली शासन की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि, युद्ध-विराम को काफी समय बीत जाने के बावजूद इज़रायल फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में हत्याएं और अवैध बस्तियों का निर्माण जारी रखे हुए है। चीन ने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जिम्मेदारीपूर्ण क़दम उठाने की अपील की।

