ओमान को धमकाकर अमेरिका ने खाड़ी देशों में फैलाई दहशत
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ओमान को लेकर दिए गए विवादित बयान ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। ट्रम्प ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के मुद्दे पर ओमान को “उड़ा देने” जैसी धमकी देकर एक बार फिर अमेरिकी आक्रामक नीति का प्रदर्शन किया है।
लंदन के King’s College London के विशेषज्ञ समीर पूरी ने इस बयान को बेहद खतरनाक और चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ओमान लंबे समय से क्षेत्रीय तनाव कम कराने और मध्यस्थता की भूमिका निभाता रहा है। ऐसे देश को खुली धमकी देना केवल ओमान ही नहीं, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र को डराने और दबाव में लेने की कोशिश है।
Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका लगातार सैन्य धमकियों और दबाव की राजनीति के जरिए पश्चिम एशिया में अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है। ट्रम्प का बयान इसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका की यह भाषा क्षेत्र में शांति और कूटनीति को कमजोर करती है। ओमान जैसे देश, जो हमेशा बातचीत और मध्यस्थता का रास्ता अपनाते रहे हैं, उन्हें धमकाना यह दिखाता है कि वॉशिंगटन अपने हितों के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
समीर पूरी ने यह भी कहा कि यह धमकी वास्तव में ईरान को निशाना बनाकर दी गई थी, लेकिन इससे खाड़ी देशों में अमेरिका के प्रति अविश्वास और भय और बढ़ सकता है। कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि अमेरिका की युद्धोन्मादी नीतियां पूरे क्षेत्र को अस्थिरता की ओर धकेल रही हैं।

