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युद्ध के 20वें दिन तक इज़रायल अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सका: नेतन्याहू 

युद्ध के 20वें दिन तक इज़रायल अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सका: नेतन्याहू 

अंतरराष्ट्रीय अदालत द्वारा युद्ध अपराधी घोषित हो चुके इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने ताज़ा बयान में ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर इस शासन के असली उद्देश्यों का खुलासा किया है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब युद्ध को 20 दिन बीत चुके हैं और ज़मीन पर हालात इज़रायल के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं दिख रहे हैं।

नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से तीन मुख्य लक्ष्य बताए:

1- ईरान के परमाणु कार्यक्रम का पूरी तरह खात्मा

2– ईरान की मिसाइल ताकत को नष्ट करना

3- ईरान में मौजूदा सरकार को हटाना (सत्ता परिवर्तन)

हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कहा जा रहा है कि इन तीनों ही मोर्चों पर इज़रायल को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। ईरान का परमाणु ढांचा अब भी कायम बताया जा रहा है, उसकी मिसाइल क्षमता भी पहले की तरह सक्रिय है, और सरकार के खिलाफ कोई बड़ा आंतरिक संकट भी सामने नहीं आया है।

दूसरी ओर, युद्ध के दौरान इज़रायल को आर्थिक, सैन्य और आंतरिक सुरक्षा के स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई ने इज़रायल के कई अहम ठिकानों और बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया है, जिससे वहां की स्थिति पर दबाव बढ़ा है।

विश्लेषकों का मानना है कि, ये वही लक्ष्य हैं जो पहले “12 दिन के युद्ध” के दौरान भी घोषित किए गए थे, लेकिन उस समय भी इज़रायल उन्हें हासिल नहीं कर पाया था। अब 20 दिन बीतने के बाद भी हालात में कोई बड़ा बदलाव न दिखना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि रणनीतिक स्तर पर इज़रायल को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, यह बयान न केवल इज़रायल की रणनीति को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि युद्ध के मौजूदा चरण में उसके लिए अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल करना आसान नहीं है।

विश्लेषकों का मानना है कि ये वही लक्ष्य हैं जो पहले “12 दिन के युद्ध” के दौरान भी घोषित किए गए थे, लेकिन उस समय भी इज़रायल उन्हें हासिल नहीं कर पाया था। अब 20 दिन बीतने के बाद भी हालात में कोई बड़ा बदलाव न दिखना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि रणनीतिक स्तर पर इज़रायल को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, यह बयान न केवल इज़रायल की रणनीति को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि युद्ध के मौजूदा चरण में उसके लिए अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल करना आसान नहीं है।

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