युद्ध के मैदान में सऊदी की विफलता के कारण ताइज़ में आम नागरिकों पर हमले तेज़: यमन
ईरान की समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, यमन के ताइज़ प्रांत के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि इस प्रांत में आम नागरिकों पर हवाई हमलों में तेज़ी का कारण युद्ध के मोर्चों पर सऊदी अरब के नेतृत्व वाली सेनाओं का अपने उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहना है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि, सऊदी दुश्मन के अपराध ताइज़ के स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों को डटे रहने तथा दुश्मन की साज़िशों और गतिविधियों को विफल करने से नहीं रोक सकते।
ताइज़ में बज्जाश परिवार के घर पर हमला, छह लोगों की मौत
इरना ने अल-मसीरा के हवाले से बताया कि ताइज़ प्रांत के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के प्रवक्ता रसिन अल-हाज ने शुक्रवार को सऊदी लड़ाकू विमानों द्वारा इस प्रांत के अल-शमायतैन क्षेत्र में बज्जाश परिवार पर किए गए भीषण हमले का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि इस हमले में चार बच्चों और एक महिला सहित कुल छह लोग मारे गए, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए। घायलों में एक बच्चा भी शामिल था।
अल-हाज ने कहा कि हमला केवल घर और उसमें रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहा। बचाव दल और नागरिक सुरक्षा कर्मी जब घटनास्थल पर पहुँचने तथा मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे थे, तब भी हवाई हमले जारी रहे। उन्होंने बताया कि, लड़ाकू विमान दोबारा लौटे और लगातार दो हवाई हमलों के ज़रिये क्षेत्र पर बमबारी की। इससे बचाव एवं राहत कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई।
राहत और बचाव दलों को भी बनाया गया निशाना
अल-हाज ने बताया कि बज्जाश परिवार के घर पर बमबारी के बाद घटनास्थल की ओर जा रहे राहत एवं नागरिक सुरक्षा दलों को कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि, न केवल बचाव दलों के लिए पीड़ितों तक पहुँचना मुश्किल बनाया गया, बल्कि घटनास्थल पर दोबारा हमला भी किया गया। इसके अतिरिक्त, एंबुलेंस और चिकित्सा दलों को निशाना बनाने की कोशिशें भी की गईं।
उन्होंने आगे बताया कि सड़कों को बंद कर दिया गया है और कुछ इलाके तथा मोहल्ले स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने वाले केंद्रों से दूर पड़ गए हैं। इसके कारण घायलों को अस्पताल पहुँचाने और उनका उपचार कराने में कठिनाइयाँ पैदा हो रही हैं।
तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर हमले का आरोप
ताइज़ के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अलग-अलग मोहल्लों में स्थित तीन स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अल-शमायतैन मोहल्ले में स्थित महिलाओं एवं प्रसूति तथा बाल चिकित्सा अस्पताल को भी निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, इस अस्पताल का निर्माण कार्य और उपकरणों की व्यवस्था पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसे अभी तक आधिकारिक रूप से खोला नहीं गया था।
अल-हाज ने ज़ोर देकर कहा कि हमलों का दायरा नागरिकों के घरों से बढ़कर स्वास्थ्य एवं सेवा केंद्रों तक पहुँच गया है। ये हमले आर्थिक नाकेबंदी के साथ-साथ हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाए जाने से लोगों की परेशानियाँ बढ़ रही हैं और वे चिकित्सा सेवाओं से वंचित हो रहे हैं।
उनके मुताबिक, पिछले कुछ महीनों के दौरान घरों, स्वास्थ्य केंद्रों, बाज़ारों और सार्वजनिक सेवा केंद्रों को निशाना बनाए जाने की घटनाएँ बार-बार सामने आई हैं। इन हमलों में बच्चों, महिलाओं और अन्य आम नागरिकों की जान गई है। उन्होंने कहा कि, ये हमले केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागरिकों के घरों और उन्हें सेवाएँ उपलब्ध कराने वाले केंद्रों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
ताइज़ के अधिकांश हिस्सों की मुक्ति का दावा
इससे पहले, सना स्थित यमन की राष्ट्रीय एकता एवं परिवर्तन सरकार के ताइज़ प्रांत के गवर्नर अहमद अल-मसावी ने शुक्रवार तड़के कहा था कि प्रांत का अधिकांश भौगोलिक क्षेत्र पूरी तरह मुक्त होने के क़रीब है।
दक्षिणी और पूर्वी यमन में सैन्य गतिविधियों पर सऊदी अरब की आलोचना
वहीं, अदन के गवर्नर अली अल-उज़ैबी ने यमन के दक्षिणी और पूर्वी प्रांतों को सैन्य टकराव का मैदान बनाने के सऊदी अरब के प्रयासों की निंदा की। अल-उज़ैबी ने सऊदी अरब को नए सैन्य ठिकाने स्थापित करने, सशस्त्र बलों की लामबंदी करने, उन्हें प्रशिक्षण देने और युद्ध में भेजने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने दक्षिणी और पूर्वी यमन के निवासियों से अपील की कि वे सैनिकों के जमावड़े वाले स्थानों और सैन्य केंद्रों से दूर रहें। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें सैन्य शिविरों में जाने से रोकने का आग्रह किया।

