अराक़ची का अमेरिका को कड़ा संदेश: यदि आप सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो हमारे क्षेत्र को छोड़ देना ही बेहतर होगा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सैन्य बल और हित क्षेत्र में सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो उन्हें पश्चिम एशिया से अपनी उपस्थिति समाप्त कर देनी चाहिए। उनके अनुसार, अमेरिका ने बार-बार क्षेत्रीय देशों के मामलों में हस्तक्षेप करके तनाव और अस्थिरता को बढ़ावा दिया है।
अराक़ची ने कहा कि युद्धक्षेत्र में अपने उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहने के बाद भी वाशिंगटन दबाव और धमकी की नीति पर कायम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएँ किसी भी हमले, उकसावे या धमकी का जवाब देने में सक्षम हैं और देश की संप्रभुता तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने फ़ारस की खाड़ी के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में बाहरी शक्तियों के सैन्य हस्तक्षेप का अंत अक्सर विफलता और पीछे हटने के रूप में हुआ है। उनका दावा था कि क्षेत्र के देशों की सुरक्षा का निर्णय बाहरी ताकतों के बजाय स्थानीय राष्ट्रों को स्वयं करना चाहिए।
अराक़ची ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह क्षेत्र ईरान और ओमान के साझा अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने अमेरिका को याद दिलाया कि यह इलाका उसके भौगोलिक क्षेत्र से हज़ारों मील दूर है, जबकि क्षेत्रीय देश अपने समुद्री अधिकारों और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के लिए ईरान नहीं, बल्कि बाहरी सैन्य हस्तक्षेप और दबाव की नीतियाँ जिम्मेदार हैं। अराक़ची के अनुसार, क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता तभी संभव है जब विदेशी शक्तियाँ अपनी सैन्य मौजूदगी कम करें और क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता का सम्मान करें।

