अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता पर अराक़ची ने मंत्रिपरिषद को रिपोर्ट सौंपी
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान हुई अपनी कूटनीतिक मुलाकातों और अमेरिका के साथ क़तरी मध्यस्थता के माध्यम से हुई अप्रत्यक्ष वार्ता के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
अराक़ची संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क गए थे। उन्होंने मंत्रिपरिषद को बताया कि इस दौरान उन्होंने विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों, अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों के साथ लगभग 50 बैठकें कीं। उनके अनुसार, यूरोपीय, अरब और एशियाई देशों ने ईरान के साथ बातचीत में काफी रुचि दिखाई और कई मुलाक़ातें दूसरे पक्ष के अनुरोध पर हुईं।
अराक़ची ने कहा कि इन बैठकों का प्रमुख उद्देश्य ईरानी जनता की आवाज़ और उनके हितों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाना तथा यह प्रदर्शित करना था कि ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय, शक्तिशाली और आत्मविश्वासी स्थिति में है। उन्होंने यह भी कहा कि इन मुलाक़ातों से स्पष्ट हुआ कि, अमेरिका और इस्राईल द्वारा ईरान को अलग-थलग दिखाने के प्रयासों के बावजूद, ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त है।
सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बताया कि अराक़ची ने अमेरिका से एक प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि, मंत्रिपरिषद को न्यूयॉर्क यात्रा और विभिन्न मुलाक़ातों के साथ-साथ मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के सामने रखी गई ईरान की उन शर्तों की जानकारी भी दी गई, जिनके आधार पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का मुद्दा उठाया गया है।
अराक़ची ने बताया कि, ईरान की सात-सूत्रीय योजना क़तरी मध्यस्थ के माध्यम से अमेरिकी पक्ष तक पहुंचाई गई है। उनके अनुसार, क़तर के एक मध्यस्थ ने उनसे दोबारा मुलाक़ात की और ईरान की शर्तों को पूरा करने के संभावित रास्तों पर विचार साझा किए। इन विचारों को अमेरिकी पक्ष के सामने फिर रखा जाना है।
अराक़ची ने कहा कि अमेरिकी पक्ष का अंतिम जवाब मिलने के बाद उसे क़तर के माध्यम से ईरान तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद जवाब के आधार पर तेहरान में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

