दुश्मन की किसी भी आक्रामकता का निर्णायक और पछताने वाला जवाब दिया जाएगा: ब्रिगेडियर रादान
ईरान के पुलिस कमांडर-इन-चीफ ब्रिगेडियर जनरल अहमद रेज़ा रादान ने कहा है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ दुश्मन की किसी भी आक्रामकता या ग़लत इरादे का दृढ़ और ऐसा जवाब दिया जाएगा, जिसकी उसे भारी क़ीमत चुकानी पड़े। उन्होंने यह बयान ‘पवित्र रक्षा सप्ताह’ यानी हफ्ते-ए-दिफ़ा-ए-मोक़द्दस की शुरुआत के अवसर पर जारी अपने संदेश में दिया।
रादान ने ईरान-इराक़ युद्ध के आठ वर्षों की अवधि को त्याग, बलिदान, प्रतिरोध और दृढ़ता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि पवित्र रक्षा केवल अतीत की एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि आज भी ईरान के लिए प्रतिरोध और सुरक्षा की एक व्यावहारिक मिसाल है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ईरान ने उस समय सीमित हथियारों और संसाधनों के बावजूद मज़बूत इच्छाशक्ति के साथ तत्कालीन बाथ शासन के नेतृत्व वाले इराक़ी बलों और उनके समर्थकों का सामना किया। उनके अनुसार, आज भी ईरान उसी दृढ़ संकल्प और ‘आशूराई भावना’ के साथ आधुनिक युद्ध के विभिन्न आयामों पर नजर रखते हुए देश की सुरक्षा की रक्षा कर रहा है।
ईरानी पुलिस बल फ़राजा की भूमिका पर जोर देते हुए रादान ने कहा कि, पुलिस सर्वोच्च धार्मिक नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासित व्यवस्था और देश की रक्षा के लिए पूरी तैयारी के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आक्रामकता का सामना दृढ़ प्रतिरोध के साथ किया जाएगा।
रादान ने ईरान-इराक युद्ध में मारे गए कमांडरों और लड़ाकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी उनके बलिदानों की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इमाम खुमैनी के आदर्शों और इस्लामी क्रांति के प्रति निष्ठा दोहराई।
उन्होंने कहा,
हम पहले से अधिक दृढ़ होकर इस्लामी क्रांति और वेलायत (धार्मिक नेतृत्व) के मार्ग पर, सैयद मुजतबा हुसैनी ख़ामेनेई (ईश्वर उनकी रक्षा करे) के नेतृत्व में बने रहने का संकल्प लेते हैं। अपने संदेश के अंत में रादान ने धार्मिक नेतृत्व और इस्लामी गणराज्य की व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान की पुलिस देश की जनता की स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी दृढ़ता के साथ अपने दायित्व निभाती रहेगी।

