ईरान की सभी सशस्त्र सेनाएं आईआरजीसी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं: अमीर हातमी
ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडर अमीर हातमी ने कहा है कि, ईरान की सभी सशस्त्र इकाइयाँ—चाहे वह नियमित सेना हो या इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (सेपाह/आईआरजीसी)—हमला और रक्षा, दोनों मोर्चों पर पूरी एकता के साथ कार्य कर रही हैं। उनके अनुसार, यह समन्वय केवल सैन्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर भी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं में “फौलादी संकल्प” है। इसका अर्थ यह है कि सेना और आरजीसी दोनों ही देश की जनता, उसकी भूमि और जल सीमाओं, तथा इस्लामी गणराज्य ईरान की राजनीतिक व्यवस्था की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। किसी भी बाहरी खतरे या आंतरिक अस्थिरता की कोशिश का डटकर सामना करने की तैयारी पहले से मौजूद है।
हातमी के अनुसार, ईरान के साहसी पायलटों ने क्षेत्र में स्थित दुश्मन ठिकानों पर सटीक और प्रभावी हमले किए हैं। इसी तरह, ईरान की ड्रोन क्षमताएँ भी पूरी शक्ति और आत्मविश्वास के साथ प्रयोग में लाई जा रही हैं। इन ड्रोन अभियानों ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया है, जिससे ईरान की आधुनिक सैन्य तकनीक और परिचालन क्षमता का प्रदर्शन होता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये सभी सैन्य कार्रवाइयाँ अचानक नहीं हैं, बल्कि पहले से तैयार की गई योजनाओं के अनुसार की जा रही हैं। इन योजनाओं पर पहले ही अभ्यास हो चुका है और इन्हें विभिन्न चरणों में लागू करने के लिए डिजाइन किया गया है। जब तक दुश्मन को उसकी “सीमा” में नहीं रखा जाता, तब तक ये चरणबद्ध योजनाएँ जारी रहेंगी।
अंत में, हातमी ने चेतावनी दी कि दुश्मन की सबसे महत्वपूर्ण साजिश ईरानी राष्ट्र को अंदर से विभाजित करना है। उनके अनुसार, दुश्मन ने इस उद्देश्य से कई योजनाबद्ध कार्यक्रम बनाए हैं—कुछ को वह पहले ही लागू कर चुका है और कुछ को लागू करने की कोशिश में है। इसी कारण ईरान की सैन्य और राजनीतिक एकता को अत्यंत आवश्यक बताया गया है, ताकि देश के भीतर फूट डालने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।

